शिमला: हिमाचल प्रदेश से अहम खबर है। यहां बीजेपी ने इतिहास रच दिया है। मिली जानकारी के अनुसार शिमला जिला परिषद चुनाव में बीजेपी ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों ही पदों पर कांग्रेस उम्मीदवार को शिकस्त दिया है। ज्ञात हो कि चुनाव की प्रक्रिया हिमाचल हाइकोर्ट के आदेश के बाद आगे बढ़ी है। चुनाव में देरी का मामला अदालत तक पहुंचा था। हिमाचल प्रदेश में अभी कांग्रेस पार्टी की सरकार है।
मिली खबर के अनुसार बीजेपी ने शिमला जिला परिषद चुनाव में इतिहास रच दिया है। बीजेपी समर्थित भूपेंद्र सिंह सिसोदिया अध्यक्ष और भरत सिंह कलांटा उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। अध्यक्ष पद के उम्मीदवार भूपेंद्र को 13 और उपाध्यक्ष भरत सिंह को 14 मत मिले। भाजपा ने अध्यक्ष पद पर एक वोट से जीत दर्ज की। ज्ञात हो कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों ही पदों पर जिला परिषद के गठन के करीब तीन महीने 10 दिन चुनाव हुआ। इस चुनाव को लेकर दोनों ही प्रमुख राजनीति दलों ने सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए रणनीति बनायी थी लेकिन इस रणनीति में बीजेपी ने बाजी मारी।
प्राप्त खबर के अनुसार जिला परिषद चुनाव में बीजेपी के 11 और कांग्रेस के दस सदस्य चुने गये थे, जबकि चार सदस्य निर्दलीय चुने गए थे। जबकि 13 सदस्यों का समर्थन बहुमत के लिए जरूरी था। ऐसे में सबकी निगाहें निर्दलीय सदस्यों पर टिकी हुई थी क्योंकि निर्दलीय सदस्य भूमिका में थे। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर बीजेपी ने निर्दलीय सदस्यों का समर्थन जुटाकर बहुमत का जादुई आंकडा अपने पक्ष में कर लिया। शिमला जिला परिषद के इतिहास में पहली बार बीजेपी समर्थित नेतृत्व को सफलता मिली है।
इस चुनाव की अहमियत इसी बात से समझी जा सकती है कि कांग्रेस पार्टी की तरफ से राज्य सरकार के पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और सहकारी बैंक के चेयरमैन देवेंद्र श्याम मौके पर पहुंचे जबकि राज्यसभा सदस्य हर्ष महाजन और सिकंदर कुमार व विधायक बलवीर वर्मा सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचे। इससे पहले इस 25 सदस्यीय जिला परिषद में बीजेपी की तरफ से 13 सदस्यों का दावा किया गया था वहीं कांग्रेस की तरफ से 12 सदस्यों का दावा की बात कही गयी थी लेकिन अंत में बीजेपी ने राजनीतिक गणित को साधते हुए बाजी अपने नाम कर लिया।