बिहार के बाहर काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों को कार्यस्थल पर ही सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी सेवाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार सरकार की ओर से बेंगलुरु में प्रवासी श्रमिक सुविधा केंद्र शुरू किया गया है। इसका ऑनलाइन उद्घाटन बुधवार को राजधानी के नियोजन भवन स्थित मंत्री कक्ष से श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग-सह-युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के द्वारा किया गया। उक्त अवसर पर विभाग के विशेष सचिव-सह-सचिव बोर्ड, सुनील कुमार, विशेष सचिव, उपेन्द्र प्रसाद एवं कर्नाटका भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी रवि डी. चन्नान्नावर तथा बिहार के श्रमायुक्त राजेश भारती के साथ अपर श्रमायुक्त, विजय कुमार, एएच उमेश संयुक्त सचिव BOCW कर्नाटक, एमएस चिदानंद विशेष अधिकारी BOCW कर्नाटक, एचएल गुरुप्रसाद उप सचिव BOCW कर्नाटक, वीणा उप सचिव BOCW कर्नाटक मौजूद रहे।
प्रवासी श्रमिक सुविधा केंद्र के उद्घाटन के उपरान्त मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार के प्रवासी श्रमिक राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। रोजगार के लिए बड़ी संख्या में श्रमिक दूसरे राज्यों में जाते हैं, ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें उनके कार्यस्थल पर ही आवश्यक सहायता, मार्गदर्शन और कल्याणकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसी उद्देश्य से बेंगलुरु में सुविधा केंद्र की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह पहल समृद्ध बिहार की संकल्पना को मजबूती देगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में भी सहयोगी बनेगी।
उन्होंने कहा कि इस केंद्र को श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की पहल पर शुरू किया गया है। केंद्र का उद्देश्य बिहार के श्रमिकों को कर्नाटक में काम करने के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान के साथ सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। केंद्र को कर्नाटक सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने सुरक्षा भवन में स्थान उपलब्ध कराया है। यह केंद्र बिहार और कर्नाटक के श्रम विभागों के बीच नोडल सेंटर के रूप में काम करेगा और दोनों राज्यों के बीच श्रमिक कल्याण से जुड़े समन्वय को मजबूत करेगा। यहां बिहार के प्रवासी श्रमिकों को कर्नाटक भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण कराने में सहायता दी जाएगी, जिससे वे बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
केंद्र पर कार्यस्थल से जुड़े विवाद, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी समस्याओं और आकस्मिक परिस्थितियों में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। श्रमिकों को कानूनी अधिकार, वेतन भुगतान से जुड़ी समस्याओं और नए श्रम कानूनों की जानकारी देने के लिए विधिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा भाषा संबंधी कठिनाइयों को दूर करने और रोजगार के नए अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए केंद्र को सूचना सहायता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। केंद्र के संचालन के लिए बिहार सरकार की ओर से श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी आकाश कुमार को प्रतिनियुक्त किया गया है। स्थानीय स्तर पर सहायता के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से दो डाटा एंट्री ऑपरेटर और एक ऑफिस बॉय की सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार से बाहर रोजगार के लिए जाने वाले श्रमिकों को किसी भी परेशानी की स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके। विभाग आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों में भी ऐसे प्रवासी श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने की दिशा में विचार कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षा, सम्मान और उनके अधिकार सुनिश्चित करते हुए सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। बिहार सरकार प्रवासी श्रमिकों के कल्याण को लेकर लगातार कदम उठा रही है। बेंगलुरु में शुरू हुआ यह सुविधा केंद्र श्रमिकों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाने का माध्यम बनेगा। आवश्यकता के अनुसार दूसरे राज्यों में भी प्रवासी श्रमिकों की सुविधा के लिए ऐसे केंद्रों को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों को अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं के लिए भटकना न पड़े, यही इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। यह केंद्र श्रमिकों और सरकार के बीच एक प्रभावी संपर्क माध्यम के रूप में काम करेगा तथा श्रमिक कल्याण योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।