केंद्र सरकार ने देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व में बड़ा बदलाव करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एनएस राजा सुब्रमणि को अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। वे रक्षा मंत्रालय के तहत रक्षा मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। मौजूदा CDS जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद सुब्रमणि पदभार ग्रहण करेंगे। इस नियुक्ति के साथ वे भारत के तीसरे CDS बन जाएंगे।
सरकार ने इसके साथ ही भारतीय नौसेना के लिए भी नए नेतृत्व का ऐलान किया है। वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को अगला नौसेना प्रमुख नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वे मुंबई स्थित पश्चिमी नौसैनिक कमान का नेतृत्व कर रहे हैं और 31 मई से नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
एनएस राजा सुब्रमणि ने वर्ष 1985 में गढ़वाल राइफल्स के माध्यम से भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में प्रवेश किया था। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) से प्रारंभिक सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया और बाद में ब्रिटेन के ब्रैकनेल स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में उच्च सैन्य शिक्षा हासिल की।
उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत मानी जाती है। उन्होंने दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज से अध्ययन किया है। इसके अलावा लंदन के किंग्स कॉलेज से मास्टर ऑफ आर्ट्स तथा मद्रास विश्वविद्यालय से डिफेंस स्टडीज में एमफिल की डिग्री प्राप्त की।
तीन दशक से अधिक लंबे सैन्य कार्यकाल के दौरान सुब्रमणि ने देश और विदेश में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना स्थित भारतीय दूतावास में सैन्य मामलों से जुड़े पद पर तैनात रह चुके हैं। सेना मुख्यालय में उन्होंने असिस्टेंट मिलिट्री सेक्रेटरी के रूप में काम किया, जबकि पूर्वी कमान में कर्नल जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस) की भूमिका निभाई।
जम्मू-कश्मीर में भी उनका लंबा अनुभव रहा है। वे राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर में डिप्टी कमांडर रहे और बाद में सांबा क्षेत्र में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। सैन्य खुफिया से जुड़े मामलों में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया और आर्मी हेडक्वार्टर में डिप्टी डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री इंटेलिजेंस के पद पर कार्य किया।
साल 2023 में उन्हें सेना की सेंट्रल कमांड का जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ नियुक्त किया गया था। इसके बाद 2024 में वे भारतीय सेना के 47वें वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने। 31 जुलाई 2025 को सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में मिलिट्री एडवाइजर के रूप में नियुक्त किया गया।
राष्ट्र की सुरक्षा और सैन्य सेवाओं में योगदान के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान दिए जा चुके हैं।