'छात्रों का भविष्य बर्बाद करने पर तुले हैं अमित शाह' रोहिणी आचार्य बोली-देश रील से नहीं चलता मोदी जी..

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने छात्र प्रदर्शन को लेकर पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर तीखा प्रहार किया है। रोहिणी आचार्य ने केंद्रीय गृहमंत्री से पूछा है-अमित शाह देश के युवाओं-छात्रों का भविष्य बर्बाद करने पर तुले हैं

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने छात्र प्रदर्शन को लेकर पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर तीखा प्रहार किया है। रोहिणी आचार्य ने केंद्रीय गृहमंत्री से पूछा है-अमित शाह देश के युवाओं-छात्रों का भविष्य बर्बाद करने पर तुले हैं। वहीं पीएम मोदी के सेल्फी वीडियो पर तंज कसते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री जी..देश इंस्टाग्राम की रीलों से नहीं चलता, देश जिम्मेदार फैसलों से चलता है और देश की जनता को रोज आने वाली आपकी रील नहीं, रोजगार चाहिए।

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर लिखा है-देश के युवाओं-छात्रों का भविष्य बर्बाद करने पर तुले हैं अमित शाह..पहले देश के गृह-मंत्री अमित शाह के आदेश पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन चलवाया गया और अब उन पर झूठे आरोप लगा कर मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं, यह लोकतंत्र और हमारे देश के युवाओं पर सीधा हमला है। मोदी सरकार, गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस की ऐसी तानाशाही कार्रवाई से ही साफ़ है कि मोदी सरकार अपने ही देश के युवाओं से डर कर उनका भविष्य बर्बाद करने पर तुली हुई है।

जायज मांगों के साथ प्रदर्शन करने वाले छात्रों-युवाओं को न्याय देने की बजाय पहले उन्हें पैलेट गन के छर्रों व् लाठियों से घायल करवाना और फिर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाना एक लोकतांत्रिक सरकार का नहीं, बल्कि सरकार की तानाशाही ढर्रे-रवैये का परिचायक है। पीड़ित को ही अपराधी बनाने, साबित करने के मोदी सरकार के इस गंदे खेल से ही देश के युवाओं - छात्रों के प्रति मोदी सरकार की बदनीयती उजागर होती है। दिल्ली पुलिस सीधे  तौर पर गृह मंत्रालय के अधीन आती है और इसके मद्देनजर युवाओं व् छात्रों पर पैलेट गन से हुई बर्बरता और दर्ज किए गए व् किए जा रहे झूठे मुकदमों की सीधी नैतिक जिम्मेदारी भी गृह मंत्री पर ही तय होती है।

इससे पहले रोहिणी आचार्य ने पीएम मोदी पर भी जमकर निशाना साधा। रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखा है-देश इंस्टाग्राम की रीलों से नहीं चलता, देश जिम्मेदार फैसलों से चलता है .. मोदी जी ..लगता है प्रधानमंत्री मोदी को इंस्टाग्राम रील बनाने की नयी लत , बीमारी लग गयी है और प्रधानमंत्री को अब हर मुद्दे का जवाब काम से नहीं, इंस्टाग्राम के कैमरे से देना ज्यादा रास आने लगा है। पहले प्रधानमंत्री के द्वारा "मन की बात" की जाती थी, अब "रील की बात" हो रही है l कहीं ऐसा तो नहीं कि अपने 'मन की बात' से देश को उबाने के बाद अब खुद ही उससे ऊब गए प्रधानमंत्री जी !!

प्रधानमंत्री जी .. देश इंस्टाग्राम की रीलों से नहीं चलता, देश जिम्मेदार फैसलों से चलता है और देश की जनता को रोज आने वाली आपकी रील नहीं, रोजगार चाहिए, इंस्टाग्राम और आपके मोबाइल कैमरे का फ़िल्टर नहीं , समस्याओं का समाधान चाहिए , ' हेलो - हाय फ्रेंड्स ' वाला आपका आत्म - मुग्ध प्रवचन व् प्रचार नहीं, जवाबदेही चाहिए।

प्रधानमंत्री जी ..अफ़सोस की बात है कि जब देश समस्याओं.के अंबार से जूझ रहा है, देश की युवा पीढ़ी सड़कों पर उतर अपने हक़ के लिए संघर्ष कर रही है, तो आप कैमरे के सही एंगल तलाश रहे हैं ? प्रधानमंत्री जी .. लगता है अब प्रधानमंत्री कार्यालय से ज़्यादा समय आप इंस्टाग्राम पर दे रहे हैं ! आपकी रीलों की रफ्तार काफी तेज़ है, लेकिन जवाबदेही की स्पीड काफी धीमी। 

प्रधानमंत्री जी ... आप ऐसा क्यूँ नहीं करते , अपनी सरकार का नया मंत्र : "काम कम, कंटेंट ज़्यादा" ही कर देते। प्रधानमंत्री जी .. कैमरा ऑन होते ही आपकी सक्रियता देखते बनती है , मगर कैमरा ऑफ होते ही आपकी तरफ से देश की तरफ से उठने वाली आवाजों पर खामोशी सी पसर जाती है , क्या अपनी नई "रील नीति" के दम पर ही आप देश को विश्वगुरु बनाने का दंभ भरते हैं ?

प्रधानमंत्री जी ..देश को सही दिशा व् दशा प्रदान करने वाली नीतियों की ज़रूरत है , आपकी रीलों की नहीं , फर्क बस आपकी सोच व् प्राथमिकताओं का है। "शासन का मूल्यांकन लाइक्स और व्यूज़ से नहीं, ज़मीनी काम और परिणामों से होता है"  ये बात आपकी समझ में कभी न आयी , न आनेवाली है।