बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान की आहट! बिहार में फिर बदलेगा मौसम, कई दिनों तक बारिश की संभावना

बिहार में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है।

पटना : बिहार में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना के बीच बिहार में भी बारिश, आंधी और गरज-चमक को लेकर मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसमी सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र 24 अक्टूबर को अवदाब और इसके बाद 25 अक्टूबर को गहरे अवदाब में बदल सकता है। इसके 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना जताई गई है। इस मौसमी सिस्टम के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और उत्तर आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा के तटवर्ती इलाकों की ओर जाने का अनुमान है। इस सिस्टम का बिहार के मौसम पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह इसकी दिशा, गति और तीव्रता पर निर्भर करेगा।

बिहार में 28 अक्टूबर से बारिश के आसार

मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 27 और 28 अक्टूबर को राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम संबंधी गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। वहीं, 28 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच बिहार के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि, सभी जिलों में एक जैसी बारिश होने की संभावना नहीं है।


किन इलाकों पर पड़ सकता है असर?

पूर्वानुमान के अनुसार, 27 और 28 अक्टूबर के आसपास सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और सहरसा के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद पटना सहित बिहार के अन्य इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। सारण, सीवान, गोपालगंज, पश्चिम चंपारण और अन्य जिलों में बारिश की स्थिति के लिए स्थानीय मौसम विभाग की ताजा चेतावनी पर नजर रखना जरूरी होगा। इन जिलों में भारी बारिश की पुष्टि अलग-अलग जिला-स्तरीय पूर्वानुमान से ही की जानी चाहिए। मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

- खेतों में कटी हुई धान की फसल को सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखें। 

- खुले में अनाज और कृषि उपकरण छोड़ने से बचें।

- आकाशीय बिजली चमकने या गरज-चमक होने पर खुले खेतों में काम न करें।

- तेज हवा के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर छतों से दूर रहें।

- बारिश और वज्रपात को लेकर प्रशासन तथा मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें।

अभी क्या करें?

फिलहाल चक्रवाती सिस्टम की दिशा और तीव्रता पर नजर रखी जा रही है। लोगों को सलाह दी जाती है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपुष्ट अलर्ट पर भरोसा करने के बजाय भारत मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक चेतावनियां देखें। यह खबर 24 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान पर आधारित है। बारिश की तारीख, तीव्रता और प्रभावित जिलों में बदलाव संभव है।