2026 में दशहरा क्यों खास है? विजयादशमी की सही तारीख, रावण दहन का शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व, सब जानिए

हिंदू धर्म में दशहरा या विजयादशमी का काफी महत्व है और यह पर्व प्रमुख त्योहारों में से एक है। साल 2026 में दशहरा के दिन श्रवण नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है। विजयादशमी की सही तारीख क्या है, रावण दहन का शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व क्या है?

हिंदू धर्म में दशहरा या विजयादशमी का काफी महत्व है और यह पर्व प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इस दिन रामलीला, रावण दहन, शस्त्र पूजा और विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। 2026 में दशहरा क्यों खास है? विजयादशमी की सही तारीख क्या है, रावण दहन का शुभ मुहूर्त, विजय मुहूर्त और इस पर्व का धार्मिक महत्व क्या है? आइये जानते हैं। 

नवरात्र के नौ दिनों में 11 अक्टूबर को मां शैलपुत्री, 12 अक्टूबर को मां ब्रह्मचारिणी, 13 अक्टूबर को मां चंद्रघंटा, 14 अक्टूबर को मां कूष्मांडा, 15 अक्टूबर को मां स्कंदमाता, 16 अक्टूबर को मां कात्यायनी तथा 17 अक्टूबर को मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाएगी। 18 अक्टूबर को मां महागौरी की पूजा के साथ अष्टमी व्रत किया जाएगा। 

विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार 19 अक्टूबर, सोमवार को अष्टमी तिथि सुबह 8:04 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि का क्रम शुरू होगा। 20 अक्टूबर, मंगलवार को महानवमी मनाई जाएगी। इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना के साथ नवरात्र हवन एवं पूर्णाहुति का आयोजन किया जाएगा। इसके अगले दिन 21 अक्टूबर, बुधवार को विजयादशमी मनाई जाएगी। 

20 अक्टूबर 2026 को विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक रहेगा। वहीं अपराह्न पूजा का समय दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक बताया गया है। दशहरे पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन करने की परंपरा है। आमतौर पर रावण दहन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में किया जाता है। हालांकि, रावण दहन का स्थानीय समय शहर और आयोजन स्थल के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।  

वहीं साल 2026 में दशहरा के दिन श्रवण नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार यह नक्षत्र 19 अक्टूबर की दोपहर से शुरू होकर 20 अक्टूबर की शाम तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं में श्रवण नक्षत्र को शुभ माना जाता है। 

धार्मिक मान्यता है कि इसी तिथि पर प्रभु श्रीराम ने लंकापति रावण का संहार किया था और मां दुर्गा ने महिषासुर राक्षस का अंत किया था। ऐसे में इस त्योहार को अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है। कई परंपराओं में इस दिन को मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध और बुराई पर शक्ति की विजय से भी जोड़ा जाता है।  इस तरह विजयादशमी दो प्रमुख धार्मिक कथाओं के जरिए अच्छाई और धर्म की स्थापना का संदेश देती है।