चतरा पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन TSPC के एरिया कमांडर लक्ष्मण गंझू उर्फ मोड़ू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे लक्ष्मण पर पुलिसकर्मियों पर हमले समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल होने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, इसी वर्ष अफीम विनष्टीकरण अभियान से लौट रहे सुरक्षाबलों पर हुए हमले में लक्ष्मण गंझू की अहम भूमिका थी। इस हमले में दो पुलिस जवानों की जान चली गई थी। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी को पुलिस के नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
पुलिस को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी कि लक्ष्मण अपने पैतृक गांव में आयोजित श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आने वाला है। सूचना मिलते ही सिमरिया एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम तैयार की गई और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई। जैसे ही उसके गांव पहुंचने की पुष्टि हुई, पुलिस टीम ने रणनीति के तहत इलाके की घेराबंदी कर दी। गोपनीय तरीके से की गई कार्रवाई में लक्ष्मण गंझू को गिरफ्तार कर लिया गया।
चतरा एसपी अनिमेष नैथानी के अनुसार, लक्ष्मण गंझू वर्ष 2012 से नक्सली गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह लगातार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ चतरा के सदर और जोरी थाना क्षेत्रों में यूएपीए और आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं के तहत तीन मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब लक्ष्मण गंझू से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि उससे TSPC के दूसरे सक्रिय सदस्यों, संगठन के नेटवर्क और उसकी गतिविधियों से संबंधित अहम जानकारियां मिल सकती हैं। दो जवानों की शहादत से जुड़े मामले में आरोपी की गिरफ्तारी को चतरा पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।