मतदाता सूची पुनरीक्षण से पहले तेज हुई मैपिंग प्रक्रिया, झारखंड में 75 फीसदी से अधिक मतदाता जुड़े

मतदाता सूची पुनरीक्षण से पहले तेज हुई मैपिंग प्रक्रिया, झारखंड में 75 फीसदी से अधिक मतदाता जुड़े

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 30, 2026, 12:25:00 PM

झारखंड में आगामी मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की तैयारियों के तहत निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया में तेजी ला दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि राज्यभर में अब तक 75.19 प्रतिशत मतदाताओं का सफलतापूर्वक मैपिंग कार्य पूरा किया जा चुका है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार 1 करोड़ 99 लाख 15 हजार 463 मतदाता संबंधित मतदान केंद्रों से मैप किए जा चुके हैं।

निर्वाचन विभाग ने 23 मई से उन मतदाताओं की सूची सार्वजनिक की थी, जिनकी मैपिंग अभी तक नहीं हो सकी थी। यह सूची सभी मतदान केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई है और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर भी खोज योग्य प्रारूप में जारी की गई है। इसके बाद से प्रक्रिया में उल्लेखनीय गति देखने को मिली है।

अधिकारियों के अनुसार, सूची प्रकाशित होने के बाद मात्र एक सप्ताह के भीतर 5 लाख 14 हजार 546 मतदाताओं को सफलतापूर्वक मैप किया गया है। बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता अपने-अपने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से संपर्क कर पूर्व गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची के आधार पर अपनी जानकारी सत्यापित करा रहे हैं।

के. रवि कुमार ने कहा कि मैपिंग अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए 15 जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर पहुंचकर और क्षेत्रीय स्तर पर संपर्क स्थापित कर शेष मतदाताओं को सूची से जोड़ने का काम करेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि जिन क्षेत्रों में मैपिंग की प्रगति अपेक्षाकृत कम रही है, वहां कार्य में सुधार और बीएलओ के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसी उद्देश्य से मंगलवार को राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक बुलाई गई है।

बैठक में विभिन्न जिलों से प्राप्त चुनौतियों और जमीनी स्तर पर सामने आ रही समस्याओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही बीएलओ को अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने में सहायता देने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और क्षमता संवर्धन संबंधी निर्णय भी लिए जाएंगे। निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण से पहले अधिकतम मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा त्रुटिरहित बनाया जा सके।