झारखंड की भर्ती परीक्षाओं पर बवाल, भाजपा ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा

झारखंड की भर्ती परीक्षाओं पर बवाल, भाजपा ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा

झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने आरोप लगाया कि राज्य में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में युवाओं के हितों को लेकर गंभीर है, तो उसे हेमंत सोरेन सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए।

रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अमर कुमार बाउरी ने कहा कि जूनियर इंजीनियर, जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती जैसी परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आए हैं। उनके अनुसार इन घटनाओं ने राज्य की भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने विवादों के बावजूद उसी एजेंसी को परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी दी, जिस पर पहले भी सवाल उठ चुके थे।

भाजपा नेता ने केंद्र सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए संसद से कानून पारित होने की जानकारी दी है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठा रही है, जबकि झारखंड में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं।

अमर कुमार बाउरी ने यह भी आरोप लगाया कि जेपीएससी और जेएसएससी जैसी संस्थाओं में पक्षपातपूर्ण नियुक्तियां हुई हैं, जिससे योग्य अभ्यर्थियों के हित प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ते आक्रोश का कारण यही अनियमितताएं हैं और इसी वजह से छात्र निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को भाजपा युवा मोर्चा द्वारा जेपीएससी घेराव कार्यक्रम आयोजित किए जाने के बाद सरकार ने सीआईडी जांच के आदेश दिए। उनके अनुसार इस मामले में कुछ गिरफ्तारियां हुईं और जेपीएससी अध्यक्ष ने भी इस्तीफा दिया, लेकिन भाजपा का आरोप है कि जांच को सही दिशा में आगे बढ़ाने के बजाय उसे सीमित रखने का प्रयास किया जा रहा है।

भाजपा ने मांग की कि जिन भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आए हैं, उनकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए। साथ ही दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अमर कुमार बाउरी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जो शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी संभालते हैं, उन्हें नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

उन्होंने बताया कि पार्टी ने इस मुद्दे को राज्यव्यापी आंदोलन का स्वरूप देने का निर्णय लिया है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू के निर्देश पर सभी मंडलों में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे, जबकि अगले दिन भाजपा युवा मोर्चा सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन करेगा। भाजपा का कहना है कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों की आवाज सरकार तक पहुंचाना और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने की मांग को मजबूत करना है। प्रेस वार्ता में मीडिया सह-प्रभारी अजय राय, पार्टी प्रवक्ता दीनदयाल बर्णवाल, रमाकांत महतो और रविनाथ किशोर भी उपस्थित रहे।