पुलिस मुख्यालय ने शुरू की वित्तीय कवायद, बजट प्रस्ताव भेजने की समयसीमा तय

पुलिस मुख्यालय ने शुरू की वित्तीय कवायद, बजट प्रस्ताव भेजने की समयसीमा तय

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं का आकलन करने की प्रक्रिया झारखंड पुलिस मुख्यालय ने तेज कर दी है। इसी क्रम में प्रथम अनुपूरक बजट तैयार करने के लिए राज्यभर की पुलिस इकाइयों और संबंधित कार्यालयों से विस्तृत बजट प्रस्ताव मांगे गए हैं।

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश में सभी रेंज कार्यालयों, वरीय पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों, रेल पुलिस, झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP), इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB), प्रशिक्षण संस्थानों तथा अन्य शाखाओं को निर्धारित प्रारूप में अपनी वित्तीय जरूरतों का विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया था। इसके लिए 24 जुलाई तक प्रस्ताव भेजने की समय-सीमा निर्धारित की गई थी।

मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि वित्त विभाग से प्राप्त आवंटन को आधार बनाकर अनुपूरक बजट का मसौदा तैयार किया जाएगा। इसलिए प्रत्येक इकाई को अब तक प्राप्त बजट, उसके विरुद्ध हुए व्यय, उपलब्ध शेष राशि तथा आगामी जरूरतों का यथार्थ मूल्यांकन कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

निर्देश में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि बजट मांग वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप हो। मुख्यालय के अनुसार, कई बार आवश्यकता से अधिक राशि की मांग किए जाने के कारण बाद में धनराशि वापस करनी पड़ती है, जिससे बजटीय योजना प्रभावित होती है। इसी कारण सभी इकाइयों को सटीक और व्यावहारिक वित्तीय आकलन के आधार पर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।

इसके अलावा, स्थापना व्यय, जिसमें वेतन और अन्य प्रशासनिक खर्च शामिल हैं, का अलग से विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े व्यय तथा भविष्य में संभावित आवश्यकताओं का ब्यौरा भी निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करने को कहा गया है। इन प्रस्तावों के आधार पर झारखंड पुलिस मुख्यालय चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम अनुपूरक बजट का अंतिम मसौदा तैयार करेगा।