शिक्षा नीतियों और पेपर लीक के खिलाफ छात्र संगठनों का राज्यव्यापी चक्का जाम

शिक्षा नीतियों और पेपर लीक के खिलाफ छात्र संगठनों का राज्यव्यापी चक्का जाम

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 29, 2026, 9:57:00 AM

झारखंड में शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर छात्र संगठनों का विरोध तेज हो गया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और आरवाईए ने 29 मई को राज्यभर में चक्का जाम आंदोलन का ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन का सबसे बड़ा केंद्र पलामू जिला माना जा रहा है, जहां मेदिनीनगर के रेडमा चौक पर सुबह से छात्रों के जुटने की संभावना है। आंदोलन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है।

छात्र संगठनों ने राज्य सरकार की क्लस्टर सिस्टम नीति को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से छात्रों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि क्लस्टर मॉडल के कारण दूर-दराज के इलाकों से आने वाले छात्रों की पढ़ाई और नियमित उपस्थिति प्रभावित हो रही है। संगठनों ने सरकार से इस नीति को वापस लेने की मांग की है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। छात्र नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में गड़बड़ियों ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।

नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में सीटों की संख्या घटाए जाने के फैसले को लेकर भी छात्रों में नाराजगी है। संगठनों का दावा है कि सीट कटौती से बड़ी संख्या में छात्रों का दाखिला प्रभावित होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

छात्र संगठनों ने शिक्षा के निजीकरण और बढ़ते व्यावसायीकरण पर भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि महंगी होती शिक्षा गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच मुश्किल बना रही है। आंदोलनकारी संगठनों ने सरकार से ऐसी नीतियां बनाने की मांग की है, जिनसे छात्रों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।