अखिल भारत वर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा, झारखण्ड प्रदेश एवं चंद्रवंशी क्षत्रिय रवानी महासभा के संयुक्त तत्वावधान में पूर्व में दिए गए चंद्रवंशी समाज की समस्याओं के निदान को लेकर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष किशोर कुमार वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेम वर्मा तथा राष्ट्रीय महिला उपाध्यक्ष सलोनी मिले। इसी विषय पर चंद्रवंशी रवानी क्षत्रिय महासभा केंद्रीय समिति का एक प्रतिनिधिमण्डल राष्ट्रीय संयोजक रविंद्र वर्मा एवं बजरंग वर्मा भी एक साथ राज्यपाल से मिले। इन सभी ने चंद्रवंशी समाज की प्रमुख मांगों का आठ सूत्री ज्ञापन देकर समस्या निदान निमित्त आग्रह किया।
राज्यपाल से वार्ता के क्रम में यह जानकारी दी गयी कि झारखण्ड प्रदेश के आठ जिलों में आरक्षण शून्य है। जिसमे राँची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूँटी, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम (चाईबासा ), सरायकेला इत्यादि हैं। जिससे पिछडी जातियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलने से समाज के छात्रों को आगे बढ़ने में दिक्कत हो रही है, साथ ही पुरे झारखण्ड में पिछड़े समाज की आबादी 50% से अधिक है लेकिन भारत सरकार द्वारा दिए गए 27% आरक्षण भी प्राप्त नहीं हो रहा है। वार्ता के क्रम में प्रतिनिधिमण्डल ने कहा कि चंद्रवंशी (कहार /रवानी) सीएनटी/एसपीटी एक्ट के अंतर्गत आते है और अनुसूचित जाति/जनजाति भी सीएनटी /एसपीटी एक्ट के अंतर्गत आते हैं लेकिन असमानता होने के कारण पिछड़े जातियों को सीएनटी /एसपीटी का लाभ नहीं होने से दिक्कत हो रही है और नुकसान भी हो रहा है। इसलिए सीएनटी /एसपीटी एक्ट के अंतर्गत आने वाले सभी जातियों को एक समान अधिकार दिया जाय अन्यथा चंद्रवंशी समाज को मुक्त किया जाय।
वार्ता के क्रम में राज्यपाल को बताया गया कि झारखण्ड में पिछडी जातियों में सर्वाधिक आबादी चंद्रवंशी समाज की है। उसके उपरांत भी पिछड़ा आयोग एवं अन्य राज्य सरकार द्वारा आयोग में कोई स्थान नहीं दिया गया है। जिससे चंद्रवंशी समाज अपने को उपेक्षित महसूस कर रहा है। झारखण्ड सरकार आदिवासी हॉस्टल /अनुसूचित जाति हॉस्टल, अल्पसंख्यक हॉस्टल का निर्माण करा रही है लेकिन सीएनटी के 51 पिछडी जातियों के लिए कोई पिछड़ा हॉस्टल निर्माण नहीं कराया गया है। जिससे समाज के प्रतिभाशाली छात्र उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने से वंचित हो रहे है और बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया कि राँची में सीएनटी/एसपीटी पिछड़ा हॉस्टल निर्माण के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किया जाए। सीएनटी/एसपीटी एक्ट अंतर्गत 51 जातियों के लिए भारत सरकार और झारखण्ड सरकार सीएनटी /एसपीटी पिछड़ा मंत्रालय बनाकर पिछड़ा समाज की दयनीय आर्थिक स्तिथि को मजबूती प्रदान करा कर उत्थान कराया जा सकेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अन्य मांगो में चंद्रवंशी (कहार रवानी ) जातियों के कुछ लोगों के पास खतियानी जमीन नहीं होने से जाति आवासीय प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है। जिसके कारण समाज के छात्रों, युवाओं का विकास बाधित और विकास अवरुद्ध हो रहा है। इसलिए जाति प्रमाण पहचान निमित्त कृपया जिला इकाई को प्राधिकृत कराया जाय। इन्होंने बताया कि इन सभी समस्याओं को राज्यपाल ने ध्यान पूर्वक सुना और कहा कि ज्ञापन को मैं मुख्यमंत्री के पास अनुशंसा कर दूगा।