JPSC PT रद्द होने के संकेत! हेमंत सरकार बनाएगी जांच कमेटी

JPSC PT रद्द होने के संकेत! हेमंत सरकार बनाएगी जांच कमेटी

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर उठे विवाद के बीच राज्य सरकार समाधान की दिशा में सक्रिय होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराने और अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों की शिकायतों का समुचित परीक्षण कर परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवादों का समाधान निकालना है।

प्रस्तावित समिति आंदोलनरत अभ्यर्थियों के साथ सीधे बैठक करेगी और उनकी ओर से उठाए गए सभी मुद्दों, आपत्तियों तथा मांगों का विस्तृत अध्ययन करेगी। इसके बाद समिति अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट एक से तीन महीने के भीतर प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।

सरकार केवल मौजूदा विवाद के समाधान तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में भी व्यापक बदलाव की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में JPSC और JSSC की परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और विवादमुक्त बनाने के लिए परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार लागू किए जाएंगे, ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत हो सके।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित समिति का नेतृत्व उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार को सौंपा जा सकता है। समिति में एक अन्य मंत्री, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, कैबिनेट सह गृह एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल तथा कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को भी शामिल किए जाने पर विचार किया जा रहा है।

इधर, सरकार के स्तर पर 14वीं प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) को निरस्त करने को लेकर भी सकारात्मक सहमति बनने की चर्चा है। माना जा रहा है कि इस संबंध में जल्द औपचारिक घोषणा की जा सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।

छात्रों का आरोप है कि परीक्षा परिणाम तैयार करने और जारी करने की पूरी प्रक्रिया में कई गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। विशेष रूप से कटऑफ निर्धारण, ओएमआर शीट के मूल्यांकन और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए हैं। इन्हीं मांगों को लेकर छात्र लगातार आंदोलनरत हैं। हाल ही में रांची के अलबर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन करने के बाद अभ्यर्थियों ने मशाल जुलूस निकालकर परीक्षा रद्द करने और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।