झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती नजर आ रही है। इसी क्रम में गुरुवार को अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांग्ते के कांके रोड स्थित आवास पर छापेमारी की। जांच दल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा और परीक्षा से संबंधित दस्तावेजों एवं अन्य अभिलेखों की विस्तृत जांच शुरू की।
सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने आवास पर मौजूद विभिन्न रिकॉर्ड और जरूरी कागजात की गहन पड़ताल की। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान किसी दस्तावेज या अन्य सामग्री की बरामदगी को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
14वीं सिविल सेवा परीक्षा को लेकर सामने आई कथित गड़बड़ियों और धांधली के आरोपों के बाद CID ने मामले की जांच अपने हाथ में ली है। एजेंसी ने एक दिन पहले ही इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करते हुए कांड संख्या 16/2026 के तहत जांच शुरू की थी। इसके बाद से जांच की गति लगातार तेज हो गई है।
अब तक इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी परीक्षा आयोजन और उससे जुड़ी पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते के आवास पर हुई इस कार्रवाई ने JPSC परीक्षा विवाद को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान जुटाए जा रहे दस्तावेज और अन्य साक्ष्य आने वाले दिनों में इस मामले में नए खुलासों की दिशा तय कर सकते हैं।