झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद को लेकर आजसू विधायक निर्मल महतो ने सरकार के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। विधायक विधानसभा के पोर्टिको में जमीन पर लेट गए और छात्रों के आंदोलन पर हुई कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की। उनके इस प्रदर्शन ने सदन परिसर में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी।
प्रदर्शन के दौरान निर्मल महतो ने राज्य सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों के साथ सरकार का रवैया उचित नहीं है। विधायक ने मांग की कि जेपीएससी और जेएसएससी से संबंधित विवादित परीक्षाओं को रद्द कर पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।
निर्मल महतो ने मंत्री इरफान अंसारी और मंत्री संजय प्रसाद यादव को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने इरफान अंसारी को बांग्लादेशी और संजय प्रसाद यादव को बिहार का निवासी बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस तरह की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था आज झारखंड में दिखाई दे रही है, उसकी कल्पना राज्य आंदोलन के दौरान नहीं की गई थी।
विधायक ने आगे सरकार की ओर से बांग्लादेशियों के लिए टोल फ्री नंबर जारी किए जाने का दावा करते हुए खुद भी एक नंबर सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि चंदे से नई गाड़ी खरीदकर दोनों मंत्रियों को झारखंड से बाहर भेजने का अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने अपना मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक रूप से बताया।
निर्मल महतो ने झारखंड के निर्माण में आम लोगों के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य यहां के लोगों के संघर्ष और मेहनत से बना है। उन्होंने राजधानी रांची के विकास को लेकर आजसू प्रमुख सुदेश महतो और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी का भी उल्लेख किया।
उन्होंने झारखंड बंद को सफल बताते हुए कुजू और मांडू समेत अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में बंद का असर होने का दावा किया। उनका कहना था कि इन इलाकों में आवागमन और कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा। विधायक ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो सरकार को आगे और राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ेगा।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निर्मल महतो ने निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना के बाद राहुल गांधी ने सरकार से समर्थन वापस लेने की बात कही थी। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस आखिर कब समर्थन वापस लेने जा रही है।
निर्मल महतो ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं के बयानों में केंद्र और झारखंड के संदर्भ में अंतर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार को फैसला लेना ही होगा। आजसू विधायक ने दोहराया कि जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के लिए परीक्षाएं रद्द कर सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।