झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे विवाद अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गए हैं। बुधवार को संसद परिसर में झारखंड से जुड़े एनडीए सांसदों ने राज्य में कथित पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसदों ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान सांसद तख्तियां लेकर संसद परिसर में पहुंचे और झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनके पोस्टरों और नारों में राज्य में पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग तथा कांग्रेस और झामुमो पर छात्रों के हितों की अनदेखी करने के आरोप प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ सांसद मनीष जायसवाल, ढुलू महतो, विद्युत वरण महतो, खीरू महतो, प्रदीप वर्मा सहित झारखंड के एनडीए गठबंधन के कई सांसद मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है, ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा कायम रह सके।
गौरतलब है कि हाल के समय में झारखंड की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोप लगातार राजनीतिक बहस का विषय बने हुए हैं। विपक्ष का दावा है कि बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों से लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ रहा है और युवाओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में संसद परिसर में हुए इस प्रदर्शन के जरिए एनडीए सांसदों ने राज्य सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास किया और परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने की मांग दोहराई।