झारखंड में मौसम ने ली करवट; तेज आंधी, वज्रपात और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

झारखंड में मौसम ने ली करवट; तेज आंधी, वज्रपात और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 02, 2026, 9:53:00 AM

झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ली है और आने वाले दिनों में इसका असर और अधिक देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी वर्षा की संभावना जताते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। पूर्वानुमान के अनुसार जून की शुरुआत अपेक्षाकृत ठंडे और नम मौसम के साथ हो रही है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले 48 घंटे राज्य के कई क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। दक्षिणी, मध्य तथा उत्तर-पूर्वी झारखंड के जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने 2 और 3 जून के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस अवधि में वज्रपात और तेज तूफानी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। कुछ इलाकों में मौसम की तीव्रता अधिक रहने की आशंका भी व्यक्त की गई है।

राजधानी रांची और आसपास के क्षेत्रों में भी 3 जून तक बादलों की आवाजाही बनी रहने और रुक-रुक कर वर्षा होने का अनुमान है। हाल के दिनों में हुई बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम काफी सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है।

हालांकि 4 जून के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने की संभावना है। बादलों का असर कम होने के साथ धूप निकलने लगेगी, जिससे दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बावजूद वातावरण में नमी अधिक रहने से उमस महसूस होने की संभावना बनी रहेगी।

मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी ताजा बुलेटिन पर नजर बनाए रखें। विशेष रूप से गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से सुरक्षित रहा जा सके।