झारखंड में शिक्षा सुधार पर सरकार का फोकस! हर पंचायत तक पहुंचेगी क्वालिटी एजुकेशन, 5 हजार सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तैयारी

झारखंड में शिक्षा सुधार पर सरकार का फोकस! हर पंचायत तक पहुंचेगी क्वालिटी एजुकेशन, 5 हजार सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तैयारी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 26, 2026, 5:35:00 PM

रांची में मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य की शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं, शिक्षकों की नियुक्ति और विद्यार्थियों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिक्षा से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से छात्रों तक पहुंचे।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आधुनिक शिक्षण संसाधनों के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाया जा सके। उन्होंने परीक्षा परिणामों में लगातार हो रहे सुधार पर संतोष जताते हुए शिक्षकों के प्रशिक्षण और पढ़ाई की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

शिक्षक नियुक्ति में तेजी लाने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को रिक्त शिक्षकीय पदों को जल्द भरने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि हाल के महीनों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति हुई है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। साथ ही नव नियुक्त शिक्षकों के सत्यापन कार्य को इस महीने के अंत तक पूरा कर समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में कमी दर्ज की गई है और इस मामले में झारखंड राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर स्कूल से बाहर बच्चों का दोबारा नामांकन कराया जा रहा है। श्रम विभाग के सहयोग से ऐसे बच्चों की पहचान भी की जा रही है जो मजदूरी या अन्य कार्यों में लगे होने के कारण शिक्षा से दूर हैं।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि किताबों, अध्ययन सामग्री और साइकिल वितरण का काम तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जा रहा है। जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम कमजोर रहा है, उन्हें चिन्हित कर वहां शिक्षकों की उपलब्धता, संसाधनों और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए विशेष पहल की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने राज्य के सरकारी विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने और आईसीटी लैब को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा को मजबूत किए बिना आधुनिक शिक्षा प्रणाली को प्रभावी नहीं बनाया जा सकता।

5 हजार सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की योजना पर तेजी

हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार करने की योजना को तेजी से लागू किया जाए, ताकि पंचायत स्तर तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने अगले छह से आठ महीनों के भीतर सिंगल टीचर स्कूलों की समस्या समाप्त करने का लक्ष्य तय किया।

मुख्यमंत्री ने विद्यालय प्रबंधन समितियों के सहयोग से स्थानीय योग्य युवाओं, विशेषकर युवतियों, को शिक्षण कार्य से जोड़ने का सुझाव दिया ताकि शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था में समानता लाने पर भी जोर दिया।

छात्रों के लिए परिवहन सुविधा और हरियाली अभियान

बैठक में मुख्यमंत्री ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया, जिससे बच्चों को घर से स्कूल और वापस आने-जाने में सुविधा मिल सके। इसके साथ ही स्कूल परिसरों में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने को भी कहा गया।

मुख्यमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में ऐसे 26 विद्यालय संचालित हैं, जहां करीब चार हजार बच्चों को मुफ्त शिक्षा, भोजन और रहने की सुविधा दी जा रही है। इन विद्यालयों के भवनों और अन्य व्यवस्थाओं को भी सुदृढ़ किया गया है।

बैठक में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। विभाग ने जानकारी दी कि विद्यार्थियों को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराई जा रही है और राष्ट्रीय विद्यालय खेल प्रतियोगिताओं में राज्य की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए बनेगा ‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय’

बैठक में रांची के जगुआर कैंपस में प्रस्तावित ‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय’ की स्थापना योजना पर भी प्रस्तुति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल निर्माण के लिए छह एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। मुख्यमंत्री ने परियोजना से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। यह विद्यालय शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया जाएगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, बुंडू के प्रबंधन से भी बातचीत की और वहां उपलब्ध शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं की जानकारी ली।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।