रांची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता के दौरान अनुसूचित जनजाति मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने आदिवासी राजस्व कर्मचारी स्वर्गीय लक्ष्मीकांत मुंडा की निर्मम हत्या को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे हमले किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह घटना सरकार और पुलिस तंत्र की घोर लापरवाही और विफलता का नतीजा है।
जांच कमेटी का गठन और निरीक्षण:
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक छह सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और मृतक के परिजनों (माता-पिता, बहन, पत्नी) तथा स्थानीय लोगों से विस्तृत बातचीत कर जमीनी हकीकत जानी।
हत्या के पीछे सोची-समझी साजिश और दबाव की आशंका:
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि लक्ष्मीकांत मुंडा बेहद सरल, मिलनसार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे, जिनका किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था। समीर उरांव ने गहरी आशंका जताई कि मुंडा पर किसी प्रकार के गलत या गैरकानूनी काम को करने का दबाव बनाया जा रहा था।
शंका का बिंदु: घटना वाले दिन उन्हें उनके कार्यालय से बार-बार फोन किए जा रहे थे। यह एक गंभीर जांच का विषय है कि आखिर उन्हें लगातार फोन क्यों आ रहे थे और इस घटना में किसी परिचित व्यक्ति के शामिल होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
झारखंड में बिगड़ती कानून-व्यवस्था:
भाजपा नेताओं ने राज्य की मौजूदा कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में आज आदिवासी, मूलवासी, महिलाएं और व्यवसायी कोई भी सुरक्षित नहीं है। सरकार और पुलिस प्रशासन अपराधियों पर नकेल कसने के बजाय कथित तौर पर अवैध खनन और वसूली में व्यस्त हैं, जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
भाजपा का अल्टीमेटम और अगला कदम
घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य अपराधियों की पुलिस गिरफ्त से बाहर होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। भाजपा ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है:
एक सप्ताह का अल्टीमेटम: पुलिस प्रशासन अविलंब अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करे। यदि एक सप्ताह के भीतर अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो भारतीय जनता पार्टी चुप नहीं बैठेगी और राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
डीजीपी से मुलाकात: भाजपा की जांच कमेटी अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेगी। इसके बाद कमेटी के सदस्य राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) से मिलकर इस मामले में त्वरित कार्रवाई और दोषियों की सख्त गिरफ्तारी की मांग करेंगे।
प्रेसवार्ता में उपस्थिति:
इस प्रेसवार्ता के दौरान मुख्य रूप से भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक, पिंकी खोया, रवि मुंडा, रितेश उरांव, अशोक मुंडा और अर्जुन मुंडा उपस्थित रहे।
रांची से सुजीत कुमार की रिपोर्ट