झारखंड में गैंगस्टरों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, संगठित अपराध पर UAPA का शिकंजा

झारखंड में गैंगस्टरों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, संगठित अपराध पर UAPA का शिकंजा

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 29, 2026, 2:00:00 PM

झारखंड पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए कुख्यात अपराधियों प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गिरोह के खिलाफ बड़ा कानूनी कदम उठाया है। रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित होटल टिटॉस में रंगदारी से जुड़े हत्या मामले में अब इन आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत मुकदमा चलेगा। अदालत ने पुलिस की उस याचिका को मंजूरी दे दी है, जिसमें इन अपराधियों पर आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित धाराएं जोड़ने की मांग की गई थी।

इस मामले में पुलिस ने प्रिंस खान, जेल में बंद सुजीत सिन्हा, राहुल राणा, कौशल पांडेय और गोडवीन खान समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ UAPA की धाराएं 16, 17, 18, 19 और 20 लगाने का अनुरोध किया था। कोर्ट की स्वीकृति के बाद अब इन आरोपियों की जांच और कार्रवाई सामान्य आपराधिक मामलों से कहीं अधिक गंभीर कानूनी दायरे में होगी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, राहुल राणा की भूमिका इस केस में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शूटरों से पूछताछ के दौरान उसका नाम सामने आया था, जिसके बाद उसे आरोपी बनाया गया। हत्या और रंगदारी से जुड़े इस मामले में नाम आने के बाद से वह फरार बताया जा रहा है। रांची सिविल कोर्ट उसकी अग्रिम जमानत याचिका पहले ही खारिज कर चुका है, जबकि पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि UAPA की धारा 16 आतंकवादी कृत्य, धारा 17 ऐसे कृत्यों के लिए फंडिंग, धारा 18 साजिश, जबकि धारा 19 और 20 आतंकियों को शरण देने और आतंकी संगठन से जुड़ाव से संबंधित हैं। इन प्रावधानों के लागू होने के बाद मामले की जांच अब हटिया डीएसपी को सौंप दी गई है।

जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह पारंपरिक आपराधिक नेटवर्क से आगे बढ़कर संगठित मॉड्यूल की तरह काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, कारोबारियों को धमकी देना, रंगदारी वसूलना और भय का माहौल तैयार करना इनके ऑपरेशन का हिस्सा था।

इसी बीच, हाल के दिनों में यह दावा भी चर्चा में रहा है कि गैंगस्टर प्रिंस खान पाकिस्तान में छिपकर बैठा है और वहीं से झारखंड के विभिन्न इलाकों में अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा है। पुलिस को आशंका है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर कारोबारियों को धमकाने तथा आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित किया जा रहा था।