जमशेदपुर हत्याकांड पर भाजपा का हमला, दोषी पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने की मांग, मशाल जुलूस और बंद का ऐलान

जमशेदपुर हत्याकांड पर भाजपा का हमला, दोषी पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने की मांग, मशाल जुलूस और बंद का ऐलान

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jul 01, 2026, 4:27:00 PM

रांची: जमशेदपुर में हुए चर्चित हत्याकांड को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है। भाजपा ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए पूरे मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। साथ ही भाजपा ने 2 जुलाई की शाम जमशेदपुर में मशाल जुलूस और 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का ऐलान किया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए तो पूरे झारखंड बंद का भी आह्वान किया जाएगा। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि जमशेदपुर की घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि कानून के शासन पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि जिस तरह एक युवक को अपराधियों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, फिर वह जान बचाने के लिए पुलिस वाहन में घुस गया और वहां से भी अपराधी उसे पुलिस की मौजूदगी में खींचकर ले गए और हत्या कर दी, वह पूरे राज्य के लिए शर्मनाक और भयावह घटना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी घटना के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही, जिससे साफ है कि अपराधियों के मन से कानून का भय पूरी तरह खत्म हो चुका है। भाजपा ने मांग की कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की हत्या से संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए। पार्टी ने मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने की भी मांग की।

आदित्य साहू ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने सरकार से राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर श्वेत पत्र जारी करने, अपराध नियंत्रण की स्पष्ट कार्ययोजना सार्वजनिक करने और संगठित अपराध, रंगदारी, अवैध हथियारों तथा गैंग के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाने की मांग की। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को न्याय, सुरक्षा, उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की भी मांग की गई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री द्वारा दो जिलों के एसपी हटाने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों का कार्यकाल लगभग पूरा हो चुका था, लेकिन हटाए जाने के 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नए एसपी की नियुक्ति नहीं होना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि पोस्टिंग को लेकर मोलभाव चल रहा है। आदित्य साहू ने यह भी दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस की नियमित बाइक पेट्रोलिंग होती थी, जबकि वर्तमान सरकार में पुलिस का ध्यान कानून-व्यवस्था से ज्यादा अवैध बालू और कोयला परिवहन पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है और हत्या, लूट, रंगदारी, गोलीबारी तथा संगठित अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा ने राज्य में बढ़ते अपराध के आंकड़े भी पेश किए। पार्टी के अनुसार पिछले छह वर्षों में झारखंड में 10,113 दुष्कर्म, 11 हजार से अधिक अपहरण, 60 हजार से ज्यादा चोरी, लगभग 9,300 हत्याएं और करीब 2.80 लाख संज्ञेय अपराध दर्ज हुए हैं। भाजपा ने रांची सहित राज्य के विभिन्न जिलों में हाल के दिनों में हुई कई चर्चित आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार पर महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। भाजपा ने साफ कहा कि यदि सरकार ने अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर तत्काल प्रभावी कदम नहीं उठाए तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन तेज करेगी। पार्टी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर झारखंड बंद का भी आह्वान किया जाएगा।