झारखंड की उभरती महिला फुटबॉल खिलाड़ी दिव्यानी लिंडा के जीवन में अब उम्मीद की नई किरण दिखाई देने लगी है। आर्थिक परेशानियों और सीमित संसाधनों के बीच अपने खेल करियर को आगे बढ़ाने वाली इस खिलाड़ी के लिए नया घर बनाने की पहल शुरू कर दी गई है। सामाजिक स्तर पर उनकी कहानी सामने आने के बाद अब जनप्रतिनिधि और उद्योग जगत भी मदद के लिए आगे आए हैं।
रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड के चंद्र गांव की रहने वाली दिव्यानी लंबे समय से कठिन परिस्थितियों में रहकर फुटबॉल खेल रही हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई, लेकिन घर की स्थिति और आर्थिक तंगी लगातार उनके परिवार के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी।
इसी बीच केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रांची के उद्योगपति पुनीत पोद्दार गुरुवार को दिव्यानी के गांव पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात कर उनकी स्थिति का जायजा लिया और भरोसा दिलाया कि दुर्गा पूजा से पहले नया मकान तैयार कर दिया जाएगा। इस दौरान उनके साथ कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।
मुलाकात के दौरान संजय सेठ ने कहा कि देश और राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाना केवल सरकार ही नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उद्योगपति पुनीत पोद्दार ने भी परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
दिव्यानी और उनके कोच ने इस पहल पर खुशी जताई। उनका कहना है कि अब तक पारिवारिक परिस्थितियों और घर की चिंता के कारण मानसिक दबाव बना रहता था, लेकिन अब हालात बदलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि स्थायी घर मिलने से वह अपने खेल पर और बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकेंगी। दिव्यानी ने सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
स्टार वॉरियर्स फुटबॉल क्लब के संयोजक जगदीश सिंह उर्फ जग्गू ने कहा कि दिव्यानी जैसी खिलाड़ी झारखंड की शान हैं और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर स्तर पर सहयोग जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि उचित समर्थन मिलने पर दिव्यानी भविष्य में और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
दिव्यानी लिंडा ने कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। नेपाल में आयोजित अंडर-16 सैफ प्रतियोगिता में उन्होंने भारतीय टीम को रजत पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा भूटान में हुए अंडर-17 सैफ टूर्नामेंट में भारत की स्वर्ण पदक जीत में भी उनका अहम योगदान रहा।
अब घर निर्माण की शुरुआत से दिव्यानी और उनके परिवार को नई उम्मीद मिली है। खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को समय रहते बुनियादी सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराया जाए, तो वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए और भी बड़ी सफलताएं हासिल कर सकते हैं।