रांची में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल बढ़ गई, जब ओडिशा से आए पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके कांके रोड स्थित आवास पर मुलाकात की। इस बैठक में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर अहम राजनीतिक संकेत देखने को मिले।
सूत्रों के मुताबिक, ओडिशा इकाई के नेताओं ने मुख्यमंत्री के सामने अंजली सोरेन को राज्यसभा के लिए पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने का प्रस्ताव रखा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सुंदरगढ़ जिला अध्यक्ष कर रहे थे, जिन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अंजली सोरेन का चेहरा ओडिशा में पार्टी के लिए नई राजनीतिक ऊर्जा पैदा कर सकता है।
पार्टी नेताओं का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जेएमएम की पकड़ मजबूत करने के लिए एक प्रभावी और पहचान रखने वाले नेतृत्व की जरूरत है। उनके अनुसार, अंजली सोरेन को राज्यसभा भेजे जाने की स्थिति में आदिवासी समाज के बीच पार्टी की स्वीकार्यता बढ़ सकती है और संगठन को मजबूती मिलेगी।
ओडिशा में जेएमएम लंबे समय से अपने जनाधार को विस्तार देने की कोशिश में जुटी हुई है। ऐसे में पार्टी पदाधिकारियों का यह सुझाव केवल एक चुनावी मांग नहीं, बल्कि संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। नेताओं का मानना है कि इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा और बिखरे हुए संगठन को एक केंद्रित नेतृत्व मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री आवास में हुई इस मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर जेएमएम नेतृत्व क्या फैसला करता है और क्या अंजली सोरेन को वास्तव में राष्ट्रीय राजनीति में नई भूमिका मिलती है।