JSSC-CGL मामले में CID का बड़ा एक्शन, आयोग के दफ्तर पहुंची टीम; सचिव से पूछताछ

JSSC-CGL मामले में CID का बड़ा एक्शन, आयोग के दफ्तर पहुंची टीम; सचिव से पूछताछ

JSSC-CGL नियुक्ति परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच सोमवार को CID ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय में कार्रवाई की। जांच टीम ने आयोग से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की और JSSC सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ की। वहीं, CID की एक अन्य टीम ने सचिव के आवास पर भी पहुंचकर जांच की। JSSC में तैनात एक अधिकारी ने कार्रवाई की पुष्टि की है।

CID की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब JSSC-CGL को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। छात्र करीब 24 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसे रद्द करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

छात्रों ने मीडिया में सामने आई खबरों का हवाला देते हुए अभय कुमार तिवारी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि कथित भर्ती अनियमितताओं में भूमिका निभाने वाले तिवारी को JSSC-CGL के जरिए नियुक्ति मिली थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पूर्व महाधिवक्ता ने केस डायरी का हवाला देकर उठाए थे सवाल

इस मामले में 14 अगस्त को पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने केस डायरी का हवाला देते हुए परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए और दावा किया था कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के बावजूद अदालत के समक्ष सही जानकारी पेश नहीं की गई।

अजीत कुमार के अनुसार, अदालत ने मामले की जांच छह महीने में पूरी करने का निर्देश दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि में जांच पूरी नहीं हुई। उनका कहना था कि यदि जांच में पेपर लीक की पुष्टि होती है तो परीक्षा रद्द करने का आधार बन सकता है।

JSSC कार्यालय में जांच से बढ़ी हलचल

अब आयोग के कार्यालय में CID की दस्तावेजी जांच और सचिव से पूछताछ के बाद JSSC-CGL परीक्षा की प्रक्रिया पर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं। जांच एजेंसी की कार्रवाई से परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड, निर्णय प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं की कड़ियों की विस्तृत पड़ताल की संभावना बढ़ गई है।

उधर, 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट से जुड़े विवाद में पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते की गिरफ्तारी हो चुकी है। आयोग के तीन सदस्यों के इस्तीफे की बात भी सामने आई है। ऐसे में JPSC के बाद JSSC-CGL मामले में CID की सक्रियता को अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।

अब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति क्या थी और यदि गड़बड़ी हुई, तो इसकी जिम्मेदारी किन लोगों की बनती है।