रांची स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को ईमेल के माध्यम से बम विस्फोट की धमकी मिलने के बाद झारखंड में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं। धमकी मिलने के तुरंत बाद संबंधित पासपोर्ट सेवा केंद्रों और डाकघरों को सतर्क किया गया, जिसके बाद कई स्थानों पर एहतियाती कार्रवाई शुरू कर दी गई।
सबसे पहले देवघर और धनबाद के प्रमुख डाकघरों में सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया। प्रशासन ने बिना किसी जोखिम के कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला तथा पूरे परिसर को खाली कराकर सुरक्षा बलों के हवाले कर दिया। इसके बाद दोनों स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।
देवघर में नगर थाना पुलिस, जिला पुलिस, झारखंड जगुआर की बम निरोधक इकाई और डॉग स्क्वायड ने संयुक्त रूप से जांच की। वहीं धनबाद में भी पुलिस और प्रशासन की टीमों ने इमारत के प्रत्येक हिस्से की बारीकी से जांच की, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।
धनबाद मुख्य डाकघर के पोस्टमास्टर राजीव कुमार ने बताया कि सुबह लगभग 11 से 11:30 बजे के बीच प्राप्त ईमेल में मुख्य डाकघर और पासपोर्ट कार्यालय को साइनाइड गैस बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसी तरह का अलर्ट संदेश देवघर में भी क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की ओर से साझा किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर और तकनीकी विशेषज्ञ ईमेल के स्रोत, आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन तथा अन्य डिजिटल सुरागों की जांच में जुट गए हैं।
हालांकि शुरुआती जांच के दौरान किसी भी परिसर से विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं बरती है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की धमकियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी धनबाद कोर्ट समेत कई सरकारी संस्थानों को ईमेल के जरिए बम की धमकियां मिली थीं, जो बाद में झूठी साबित हुई थीं। फिलहाल जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।