अपराध नियंत्रण को लेकर रांची पुलिस की समीक्षा बैठक, थाना प्रभारियों को मिले अहम निर्देश

अपराध नियंत्रण को लेकर रांची पुलिस की समीक्षा बैठक, थाना प्रभारियों को मिले अहम निर्देश

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 02, 2026, 10:02:00 AM

रांची में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने, अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर पुलिस अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) सह पुलिस महानिरीक्षक, रांची प्रक्षेत्र ने की। इसमें जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर एवं ग्रामीण पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक तथा सभी थाना प्रभारी शामिल हुए।

बैठक के दौरान मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार को गंभीर चुनौती मानते हुए एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री, आपूर्ति और परिवहन से जुड़े नेटवर्क की पहचान कर उनके विरुद्ध लक्षित कार्रवाई की जाए। इसके लिए सूचनाओं के व्यवस्थित संग्रहण और प्रभावी छापेमारी अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के उद्देश्य से जिले में विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। पुलिस 10 जून से 25 जून 2026 तक स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में अभियान चलाकर विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराएगी। साथ ही शिक्षण संस्थानों के आसपास लगातार निगरानी रखने और आवश्यकतानुसार विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

अपराध की रोकथाम के लिए तकनीकी निगरानी व्यवस्था को विस्तार देने पर भी बैठक में जोर रहा। अधिकारियों को संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों का चिन्हांकन कर वहां सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। पहले से लगे कैमरों की कार्यक्षमता की समीक्षा कर अतिरिक्त जरूरत वाले क्षेत्रों में आधुनिक निगरानी उपकरण लगाने के निर्देश भी दिए गए।

पुलिस गश्ती व्यवस्था की प्रभावशीलता का भी मूल्यांकन किया गया। पीसीआर, टाइगर मोबाइल, शक्ति कमांडो, हाईवे पेट्रोलिंग और अन्य मोबाइल इकाइयों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में उनकी सक्रियता बढ़ाने तथा आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित मामलों की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, वैज्ञानिक साक्ष्यों के बेहतर उपयोग और निर्धारित समयसीमा में आरोप-पत्र दाखिल करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। पीड़ितों को कानूनी प्रावधानों के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

गुमशुदा बच्चों के मामलों को प्राथमिकता देते हुए सभी थाना प्रभारियों को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार कार्रवाई करने और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित करने को कहा गया।

इसके अलावा रंगदारी, संगठित अपराध, आपराधिक गिरोहों और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया। अधिकारियों को ऐसे अपराधियों के आर्थिक स्रोतों और नेटवर्क का विश्लेषण कर कानूनी कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कहा गया।

आगामी पर्व-त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की रणनीतिक तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और गश्ती व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर भी चर्चा हुई, ताकि जिले में शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहे।

बैठक के समापन पर उत्कृष्ट पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक रांची तथा पुलिस अधीक्षक (नगर) को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं महत्वपूर्ण मामलों की सफल जांच और समयबद्ध आरोप-पत्र दाखिल करने वाले शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के अनुसंधानकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया।