झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री सारथी योजना राज्य के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में संचालित की जा रही है। झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी के माध्यम से चल रही इस योजना में युवाओं को विभिन्न व्यावसायिक और तकनीकी क्षेत्रों में निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
योजना का लाभ झारखंड के निवासी 18 से 35 वर्ष की आयु वाले युवा उठा सकते हैं। आरक्षित वर्गों के अलावा महिलाओं, दिव्यांगजनों और थर्ड जेंडर आवेदकों के लिए नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का प्रावधान है।
प्रशिक्षण के दौरान गैर-आवासीय प्रशिक्षणार्थियों को आने-जाने के खर्च के लिए 1,000 रुपये प्रतिमाह परिवहन भत्ता दिया जाता है। वहीं प्रशिक्षण पूरा करने के बाद यदि तीन महीने तक रोजगार नहीं मिलता है, तो पात्र युवाओं को एक वर्ष तक प्रोत्साहन भत्ता देने की व्यवस्था है। इसके तहत सामान्य युवाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह, जबकि महिलाओं, दिव्यांगजनों और थर्ड जेंडर लाभार्थियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाने का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री सारथी योजना में युवाओं को कई रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें सूचना प्रौद्योगिकी, निर्माण, स्वास्थ्य सेवा और परिधान समेत अन्य क्षेत्र शामिल हैं। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क यानी NSQF के मानकों के अनुरूप तैयार किए गए हैं।
प्रशिक्षणार्थियों को पढ़ाई के लिए जरूरी सामग्री के साथ यूनिफॉर्म और टूल किट भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
योजना में शामिल होने के इच्छुक युवा अपने नजदीकी कौशल विकास केंद्र में जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा विभागीय पोर्टल jsdm.jharkhand.gov.in के माध्यम से भी आधार आधारित पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण और शैक्षणिक प्रमाण-पत्र जरूरी दस्तावेजों में शामिल हैं।