15 जून तक पूरी होगी वोटर मैपिंग, 7 अक्टूबर को आएगी अंतिम मतदाता सूची; CEO ने दिए निर्देश

15 जून तक पूरी होगी वोटर मैपिंग, 7 अक्टूबर को आएगी अंतिम मतदाता सूची; CEO ने दिए निर्देश

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 02, 2026, 5:14:00 PM

राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की तैयारियों को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 जून तक मतदाताओं की पूर्व गहन पुनरीक्षण वाली मतदाता सूची से मैपिंग का कार्य हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए, जबकि अपात्र व्यक्तियों को सूची में शामिल होने से रोका जा सके।

निर्वाचन सदन से जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ आयोजित ऑनलाइन समीक्षा बैठक में के. रवि कुमार ने बताया कि जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड सफलतापूर्वक मैप हो जाएगा, उन्हें आम तौर पर एसआईआर के दौरान अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाती है, उनका नाम तत्काल सूची से नहीं हटाया जाएगा। ऐसे मामलों में निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा, जिसके बाद संबंधित मतदाता को अपनी जन्मतिथि के आधार पर स्वयं, माता-पिता अथवा दादा-दादी से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।

उन्होंने जानकारी दी कि दावा और आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। समीक्षा के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि मैपिंग कार्य की नियमित और गहन निगरानी की जाए। यदि किसी मतदाता की जानकारी गलत तरीके से मैप होती है, तो वह मामला ‘एनोमली’ के रूप में सामने आएगा और उस पर ERO को सुनवाई कर आदेश जारी करना होगा। ऐसे मतदाताओं को भी पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अनमैप्ड मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक ऐसे मतदाता से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया जाए। साथ ही इस श्रेणी में आने वाले मतदाताओं में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट अथवा गैर-नागरिक श्रेणी से जुड़े मामलों की पहचान भी की जाए, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जा सके।

बैठक में अधिकारियों को एसआईआर की पूरी प्रक्रिया, दस्तावेज संबंधी आवश्यकताओं और मैपिंग की कार्यप्रणाली पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। के. रवि कुमार ने निर्देश दिया कि गणना प्रपत्रों में संबंधित बीएलओ का नाम और संपर्क नंबर दर्ज रहेगा, इसलिए 15 जून के बाद बीएलओ में बदलाव नहीं किया जाए। उन्होंने कम प्रगति वाले बीएलओ से सीधे संवाद कर मैपिंग की धीमी गति के कारणों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण तथा क्षमता विकास के लिए कदम उठाने के निर्देश भी दिए।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि 15 जून तक फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से संबंधित लंबित आवेदनों का निपटारा कर शून्य लंबित स्थिति सुनिश्चित की जाए।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर तथा अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित सभी जिलों के जिला एवं उप जिला निर्वाचन पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।