जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सोमवार को नियोजन, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा,श्रम विभाग (बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास हेतु गठित जिला स्तरीय टास्कफोर्स की बैठक की। समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में सर्वप्रथम डीसी ने जून माह में बाल श्रम से विमुक्त हुए बच्चे एवं उन बच्चों के वर्तमान स्टेटस की जानकरी ली। बताया कि जून में 6 बच्चों एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में 20 बच्चों को विमुक्त कराया गया है।
उपायुक्त ने श्रम अधीक्षक को डीईओ संग समन्वय स्थापित कर उन सभी बच्चों का एडमिशन सुनिश्चित कराने व विमुक्त कराये गये बाल श्रमिकों की जानकरी सीडब्लूसी सदस्यों संग साझा करने की बात कही। रेस्क्यू किये गये बच्चों का दाखिल स्कूल में रहे, यह सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने विमुक्त बाल श्रमिक की ट्रैकिंग तथा पुर्नवासन के लिये मानक कार्य पद्धति के अनुसार कार्य किये जाने का निदेश दिया।
नियोजन विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष में 12 भर्ती कैम्प आयोजित किया जाता है एवं 3 रोजगार मेला लगाया जाता है। इसी तरह सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गयी जिसमें विभिन्न पेंशन योजनाओं,राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना,स्पॉन्सरशिप योजना अंतर्गत दिये लाभ लेने वाले बच्चों की संख्या,मिशन वात्सल योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की जानकरी ली।
बैठक में पीएम केयर फंड से पढ़ाई कर रहे तीन बच्चों संग भी डीसी ने मुलाकात की।बैठक में सामाजिक सुरक्षा के सहायक निदेशक पीयूष,नियोजन सह कौशल पदाधिकारी नीरज कुमार,जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी समेत सीडब्लूसी के सदस्यगण उपस्थित रहे।
पलामू से विकास कश्यप की रिपोर्ट