झारखंड पुलिस को मिली बडी सफलता: 20 लाख रूपये का ईनामी नक्सली रवींद्र गंझू गिरफ्तार

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jul 13, 2026, 5:57:00 PM

झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 20 लाख रुपये के इनामी भाकपा माओवादी के रीजनल कमेटी सदस्य रवींद्र गंझू को लातेहार से गिरफ्तार कर लिया है। झारखंड पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक AK-47 राइफल और बड़ी संख्या में गोलियां बरामद की गई है।

मिली खबर के अनुसार रवींद्र गंझू लंबे समय से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था. उस पर झारखंड सरकार ने 15 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. कई संगीन मामलों में उसकी तलाश थी और वह लंबे समय से भूमिगत होकर संगठन की गतिविधियों को संचालित कर रहा था। रवींद्र गंझू का नाम लुकैया एंबुश कांड के बाद सबसे अधिक चर्चा में आया था। उसने लोहरदगा और लातेहार की सीमा पर स्थित लुकैया इलाके में सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला कराया था, जिसमें पुलिस के चार जवान शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए फरवरी 2022 में बड़े पैमाने पर "डबल बुल ऑपरेशन" चलाया गया था लेकिन वह सुरक्षा बलों को चकमा देकर फरार हो गया था.

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2019 से पहले लातेहार, लोहरदगा और रांची के मैक्लूस्कीगंज क्षेत्र में हुए अधिकांश बड़े माओवादी हमलों में रवींद्र गंझू की अहम भूमिका रही थी। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। बताया जाता है कि इलाके में सक्रिय शीर्ष माओवादी नेताओं में वह अकेला बचा हुआ था। जांच एजेंसियों की कार्रवाई पहले भी उस तक पहुंच चुकी थी। चंदवा के बांझीटोला में लेवी के पैसों से बनाए गए उसके पक्के मकान को वर्ष 2023 में NIA ने जब्त कर लिया था। इसके बावजूद वह लगातार भूमिगत रहकर संगठन की गतिविधियों में शामिल था। रवींद्र गंझू की गिरफ्तारी को झारखंड पुलिस की नक्सल विरोधी मुहिम की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और अन्य माओवादी गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग जुटाने में लगी है।

लातेहार से विकास कश्यप की रिपोर्ट