विद्यालय में सुविधा के लिए विधानसभा अध्यक्ष की पहल, अविभाजित बिहार में रखी गयी थी नींव

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jul 01, 2026, 6:39:00 PM

बुधवार को जामताड़ा जिला अंतर्गत नाला प्रखंड क्षेत्र के बाबा देवलेश्वर मंदिर के समीप स्थित उच्च विद्यालय भंडारबेड़ा में शिक्षा जगत के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष सह नाला के विधायक रबिन्द्रनाथ महतो के विशेष प्रयासों से विद्यालय में चारदीवारी और अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।यह कार्य एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड के सामाजिक दायित्व कोष से कराया जा रहा है। इस पहल से विद्यालय का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और बच्चों को सुरक्षित व आधुनिक पढ़ाई का माहौल मिलेगा।

शिलान्यास समारोह में विधानसभा अध्यक्ष रबिन्द्रनाथ महतो ने कहा कि उनका लगातार प्रयास है कि इस विद्यालय को जल्द से जल्द प्लस टू उच्च विद्यालय में उन्नत किया जाए। इससे इलाके के बच्चों को कला, विज्ञान और वाणिज्य की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चे घर के पास ही उच्च माध्यमिक शिक्षा पूरी कर सकेंगे। महतो ने कहा कि जमीन दान करने वालों का आभार है जिनकी वजह से यहां बच्चों के लिए स्कूल खुला। एनबीसीसी एक नवरत्न सरकारी संस्थान है। इनकी नजर जिस पर पड़ती है, वहां विकास हो जाता है। एनबीसीसी का जामताड़ा आना बहुत बड़ी कामयाबी है।उन्होंने बताया कि देवलेश्वर उच्च विद्यालय में चारदीवारी बनवाना बेहद मुश्किल था। सरकारी कोष से पूरा पैसा नहीं मिल पा रहा था। काफी परेशानियों के बाद अब एनबीसीसी की तरफ से चारदीवारी बनाई जाएगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने 1991 में विद्यालय की नींव रखने के लिए स्थानीय लोगों का धन्यवाद किया। बोले, आज नाला इतना विकसित हो गया है कि यहां के बच्चों को पढ़ाई के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है। यहीं से सब पढ़ाई हो रही है। यहां सब कॉलेज बनेंगे। महतो ने दावा किया कि आसनसोल से पहले जामताड़ा में मेडिकल कॉलेज बनेगा। इससे यहां के छात्र यहीं पढ़कर एमबीबीएस डॉक्टर बनेंगे। उन्होंने बताया कि अभी मुख्यमंत्री द्वारा विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए 10 से 15 लाख रुपये तक का ऋण दिया जा रहा है। इस ऋण को चुकाने के लिए काफी लंबा समय दिया गया है, ताकि मेधावी छात्र-छात्राएं बेहतर ढंग से पढ़ सकें। साथ ही 'मरांग गोमके परदेसीया छात्रवृत्ति' से झारखंड के गरीब घर के बच्चे भी उच्च शिक्षा पा रहे हैं। अब कोई भी होनहार बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा। महतो ने कहा कि 'स्कूल ऑफ एक्सीलेंस' के तहत सभी बच्चों को विशेष रूप से अंग्रेजी पढ़ाई जा रही है। अब यहां के बच्चे भी अंग्रेजी भाषा में बात करेंगे।

जामताडा से संतोष कुमार की रिपोर्ट