जुबां पर देशभक्ति के नारे, हाथों में तिरंगा, निकली भव्य तिरंगा यात्रा

जामताडा जिले में गुरुवार को नाला प्रखंड क्षेत्र देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। नाला पीडब्ल्यूडी प्रांगण से भाजपा के तीनों मंडलों के संयुक्त तत्वावधान में विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई।

जामताडा जिले में गुरुवार को नाला प्रखंड क्षेत्र देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। नाला पीडब्ल्यूडी प्रांगण से भाजपा के तीनों मंडलों के संयुक्त तत्वावधान में विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा बजरंगबली चौक गोपालपुर, दलाबड़ सहित प्रखंड के विभिन्न चौक-चौराहों से होकर गुजरी। सैकड़ों कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लेकर मोटरसाइकिल रैली में शामिल हुए और देशभक्ति गीतों के साथ माहौल को देशमय कर दिया। इस तिरंगा यात्रा का आयोजन नाला मंडल, नाला पूर्वांचल मंडल एवं खैरा मंडल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भाजपा के वरिष्ठ नेता माधव चंद्र महतो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले कई वर्षों से स्वतंत्रता दिवस से पहले पूरे देश में तिरंगा यात्रा निकालने की परंपरा बनी है। इसका उद्देश्य हर देशभक्त को एकजुट करना है।उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में आज नाला प्रखंड में यह यात्रा निकाली गई। ‘घर-घर तिरंगा’ अभियान का संदेश है कि हर घर पर तिरंगा फहरे। हजारों वीरों ने कुर्बानी देकर जो आजादी दिलाई, उस भावना को हमें सदियों तक जीवित रखना है। भारत की संप्रभुता और अखंडता बनी रहे, देश पर कोई आंच न आए। इसी संकल्प के साथ हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यह कार्यक्रम किया गया।

भाजपा नेता माधव चंद्र महतो ने बताया कि इसी क्रम में शुक्रवार को फतेहपुर स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर प्रांगण में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 की पूर्व संध्या पर देश ने जो विभाजन का दर्द झेला, लाखों लोगों को विस्थापन और नरसंहार का सामना करना पड़ा, उसे नई पीढ़ी भूले नहीं। प्रधानमंत्री के आह्वान पर हर जिले में यह कार्यक्रम हो रहा है। मैं सभी कार्यकर्ताओं और देशभक्तों से आग्रह करता हूं कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मुख्य वक्ताओं के विचार सुनें।

इस मौके पर माधव चंद्र महतो ने राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में हर बार पेपर लीक होना झारखंड सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। छात्र दिन-रात मेहनत करके परीक्षा देते हैं, लेकिन पेपर लीक के कारण उनकी मेहनत बेकार चली जाती है। यह सरकार नौकरी बेचने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कहते हैं कि 90% छात्रों की मांग मान ली गई, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं दिख रहा।उन्होंने मांग की कि पेपर लीक के सभी मामलों की सीबीआई जांच कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

जामताडा से संतोष की रिपोर्ट