राजधानी रांची में जेएसएससी, जेपीएससी और सीजीएल परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुई लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ने पूरे झारखंड बंद का आह्वान किया। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू के निर्देश पर यह बंद आयोजित किया गया। जामताड़ा में बंद को सफल बनाने की जिम्मेदारी जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने संभाली। उनके नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुबह से ही पूरे जामताड़ा बाजार का भ्रमण किया और दुकानदारों से अपील कर प्रतिष्ठान बंद कराए। बंद के दौरान शहर की अधिकांश दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर आवाजाही सामान्य से कम रही।
जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने कहा कि झारखंड की तीन करोड़ से अधिक आबादी में आधे से ज्यादा युवा हैं। जब यही युवा मेहनत कर सरकारी नौकरी पाने का प्रयास करते हैं तो सरकार अमीरों से पैसे लेकर उनकी सीटें बेच देती है। भाजपा यह बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जब तक गरीब छात्रों की मेहनत पैसे के आगे नहीं झुकेगी, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। जामताड़ा के दुकानदारों ने छात्रों के साथ हुई बर्बरता को देखते हुए स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद किए। इस मौके पर झारखंड सरकार में पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल ने कहा कि छात्रों की उम्र निकलती जा रही है और नौकरी की उम्मीदें टूट रही हैं। यह सरकार बहाली समय पर नहीं कर पाती। अगर करती भी है तो परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों से नौकरी छीनकर संपन्न लोगों को देने का काम किया जा रहा है। राज्य में लाखों युवा बेरोजगारी के कारण परेशान हैं।
भाजपा नेता माधव चंद्र महतो ने रांची में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जिस कंपनी को पहले ब्लैकलिस्ट किया गया था, उसी को परीक्षा का ठेका देना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसी वजह से जेएसएससी, जेपीएससी जैसी परीक्षाओं के पेपर के 20 लाख से 40 लाख तक रेट तय हो गए हैं। मजबूर होकर छात्रों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जामताड़ा जिले में बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। दुकानदारों ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया।
जामताड़ा से संतोष की रिपोर्ट