बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोशन लाल चौधरी ने नई दिल्ली स्थित शास्त्री भवन में भारत सरकार के केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर बड़कागांव एवं केरेडारी प्रखंड में एनटीपीसी की विभिन्न कोयला खनन परियोजनाओं से प्रभावित हजारों विस्थापित एवं भू-रैयत परिवारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान उन्होंने एक विस्तृत मांग पत्र सौंपते हुए विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा और समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की।
विधायक रौशन लाल चौधरी ने बताया कि पंकरी बरवाडीह, चट्टी-बरियातू, केरेडारी, बादम, सहित अन्य खनन परियोजनाओं के लिए हजारों एकड़ कृषि एवं रैयती भूमि का अधिग्रहण किया गया। बावजूद इसके, प्रभावित परिवारों को अब तक उचित मुआवजा, रोजगार और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा पूर्व में किए गए कई एकरारनामों का भी समुचित पालन नहीं किया गया, जिससे विस्थापित परिवार कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
मांग पत्र में विधायक रोशन लाल चौधरी ने वर्ष 2016 और 2022 की कट-ऑफ तिथियों को निरस्त कर वर्तमान तिथि तक नया एवं पारदर्शी विस्थापन सर्वे कराने तथा सभी पात्र परिवारों को प्रोजेक्ट अफेक्टेड फैमिली (PAF) कार्ड उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही गैर-मजरुआ भूमि पर कब्जाधारी ग्रामीणों को वर्तमान दर पर चार गुना मुआवजा देने, कोयला परिवहन से प्रभावित ग्रामीणों को प्रदूषण भत्ता देने और आबादी वाले मार्गों के स्थान पर समर्पित वैकल्पिक परिवहन मार्ग विकसित करने की भी मांग रखी गई।
विधायक रौशन लाल चौधरी ने स्थानीय युवाओं को कोयला परिवहन सहित सभी परियोजनाओं में शत-प्रतिशत प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने, बाहरी ट्रांसपोर्टरों पर निर्भरता कम करने तथा खनन से क्षतिग्रस्त सरकारी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों, मंदिरों, मस्जिदों, कब्रिस्तानों और शमशान स्थलों के पुनर्निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इसके अतिरिक्त उन्होंने विस्थापित परिवारों के लिए आधुनिक टाउनशिप के निर्माण, 100 बेड के मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, आईटीआई, सीबीएसई स्कूल और डिग्री कॉलेज की स्थापना, तकनीकी शिक्षा का खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन करने, स्थानीय विस्थापित वेंडरों को दो करोड़ रुपये तक के टेंडरों में प्राथमिकता देने तथा प्रभावित परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए 'विस्थापित लाडली योजना' के तहत दो लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की मांग भी की।
आगे विधायक रोशन लाल चौधरी ने केंद्रीय कोयला मंत्री के समक्ष दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखे। जिसमें झारखंड में विस्थापितों के कानूनी एवं मौलिक अधिकारों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष अभिकरण (ट्रिब्यूनल) का गठन किया जाए। दूसरा, नई दिल्ली स्थित एनटीपीसी मुख्यालय में कोयला मंत्रालय, एनटीपीसी के शीर्ष अधिकारियों, संबंधित एमडीओ, स्थानीय सांसद और विधायक की उपस्थिति में उच्चस्तरीय त्रि-पक्षीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाए, ताकि लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।
मुलाकात के बाद विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि बड़कागांव और केरेडारी के गरीब, मजदूर, विस्थापित एवं भू-रैयत परिवारों को उनका अधिकार और सम्मान दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष सदन से लेकर सड़क तक लगातार जारी रहेगा।
हजारीबाग से सुनील कुमार ठाकुर की रिपोर्ट