हजारीबाग: NTPC चट्टी बरियातू कोयला परियोजना का दूषित पानी से केरेडारी क्षेत्र में हाहाकार

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 19, 2026, 10:03:00 PM

हजारीबाग के केरेडारी NTPC की चट्टी बरियातू कोयला खन परियोजना से निकलने वाला दूषित एवं प्रदूषित पानी अब पूरे केरेडारी क्षेत्र के लिए बड़ा संकट बन गया है। काबेद, बालेदेवरी और लोचर होते हुए यह गंदा पानी सीधे खेतों और गांवों तक पहुंच रहा है।

 नदी का पानी पूरी तरह काला-गंदा और कीचड़ युक्त हो चुका है। पानी की सतह पर प्लास्टिक बोतलें और कचरा तैर रहा है। यह पानी न पीने लायक है, न खेती के लायक।

किसानों और ग्रामीणों पर असर

1.*खेती बर्बाद*: 

इस क्षेत्र के किसान वर्षों से इसी नदी के पानी से आलू, सरसों, गेहूं, सब्जी की खेती करते थे। अब दूषित पानी से खेतों की उर्वरता खत्म हो रही है। फसलें जल रही हैं और पैदावार नष्ट हो रही है।

2. *आजीविका पर संकट*: 

खेती ही यहां के परिवारों के भरण-पोषण का मुख्य आधार है। फसल बर्बाद होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

3. *पशु और स्वास्थ्य खतरे में*:

 पशुओं के लिए भी स्वच्छ पानी नहीं बचा है। दूषित पानी पीने से पशुओं के बीमार होने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी सीधा असर पड़ रहा है।

4. *पर्यावरण को नुकसान*: 

जल स्रोत पूरी तरह प्रदूषित हो गए हैं।

*ग्रामीणों की मांग*

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो पूरे क्षेत्र की खेती, पर्यावरण और जीवन गहरे संकट में पड़ जाएगा। 

उन्होंने संबंधित कंपनी और जिला प्रशासन से मांग की है कि:

1. *प्रदूषित पानी को तुरंत रोका जाए*

2. *प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए* 

3. *स्वच्छ जल और पर्यावरण की रक्षा के पुख्ता उपाय किए जाएं*

यह मामला सिर्फ पानी का नहीं, बल्कि हजारों किसानों के जीवन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है।

हजारीबाग से सुनील कुमार ठाकुर की रिपोर्ट