झारखंड पुलिस की बडी सफलता, तीन राज्यों में वांटेड 25 लाख का ईनामी नक्सली गिरफ्तार

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jul 17, 2026, 4:41:00 PM

झारखंड पुलिस को बडी और अहम सफलता मिली है। पुलिस ने 25 लाख के कुख्यात इनामी नक्सली को गिरफ्तार किया है। नक्सली एक घर में छुपा हुआ था। नक्सली अजय महतो को झारखंड के साथ बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की पुलिस भी खोज रही थी। वह कई मामलों में वांछित था। अजय महतो की गिरफ्तार को पुलिस की बडी सफलता मानी जा रही है। 

मिली जानकारी के अनुसार गिरिडीह पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 25 लाख रुपए के इनामी कुख्यात माओवादी अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को गिरफ्तार किया है। उसके साथ दो अन्य माओवादियों को भी हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई को हाल के वर्षों की सबसे बड़ी नक्सल विरोधी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है। विशेष जांच टीम तीनों से पूछताछ कर रही है। अजय महतो गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव का निवासी है। वह भाकपा (माओवादी) का स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य और पारसनाथ क्षेत्र का जोनल कमांडर रह चुका है।

झारखंड सरकार ने उस पर 25 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। दरअसल पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि अजय महतो हरलाडीह गांव स्थित करमू मांझी के घर में छिपा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद गुरुवार देर रात पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी की। इसी अभियान के दौरान अजय महतो और उसके साथ मौजूद दो अन्य माओवादियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अजय महतो के खिलाफ हत्या, लेवी वसूली, लूट, पुलिस बल पर हमला, आईईडी विस्फोट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित 100 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। उसने गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई बड़ी नक्सली घटनाओं को अंजाम दिया था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, वह लंबे समय से ठेकेदारों से रंगदारी वसूलने, सड़क निर्माण कार्यों में लगे वाहनों में आग लगाने और सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला करने जैसी घटनाओं में सक्रिय रहा है। उसकी गतिविधियों के कारण पारसनाथ और आसपास का क्षेत्र लंबे समय तक नक्सली प्रभाव में था। अजय महतो केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा पुलिस के लिए भी वांछित था। विभिन्न राज्यों में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। उसके विरुद्ध देशद्रोह और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।

गिरिडीह से विकास कश्यप की रिपोर्ट