धनबाद : सदर एएनएम (ANM) ट्रेनिंग स्कूल में प्रशासनिक भवन की स्थिति को सुधारने की दिशा में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त आदित्य रंजन तथा वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निरीक्षण के दौरान पाया गया था कि एएनएम (ANM) ट्रेनिंग स्कूल की सीलिंग (छत) से पानी टपक रही थी जिसकी शिकायत छात्राओं ने भी किया था।
उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले ही इस कक्ष की सीलिंग का निर्माण कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद छत से पानी टपकने और सीलन की गंभीर समस्याएं सामने आने लगी थीं। इस स्थिति के कारण कार्य संचालन में असुविधा हो रही थी। मामले की जानकारी मिलते ही उपायुक्त तथा एसएसपी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गहरी नाराजगी जताई और संबंधित ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई।
उपायुक्त ने ठेकेदार को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि बिना किसी देरी के सीलिंग के दोषों को दूर कर उच्च गुणवत्ता के साथ मरम्मत कार्य पूरा कराया जाए, अन्यथा वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस कड़े रुख के तुरंत बाद कार्यस्थल पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया।
प्रशासन की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से संस्थान में अध्ययनरत प्रशिक्षु छात्राओं और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। छात्राओं ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी का सहृदय आभार व्यक्त किया है। छात्राओं का कहना है कि सरकार की इस संवेदनशीलता से संस्थान का शैक्षणिक व प्रशासनिक माहौल बेहतर होगा।
इसके अलावा उपायुक्त तथा एसएसपी के निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने डिजिटल स्मार्ट क्लास की मांग रखी थी। जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने एएनएम (ANM) ट्रेनिंग स्कूल में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था सुनिश्चित की। स्मार्ट क्लास लगते ही छात्राओं के चेहरे खिल उठे।
साथ ही साथ सदर अस्पताल परिसर में पहले बाउंड्रीवॉल न होने के कारण अनधिकृत लोगों की आवाजाही बनी रहती थी, जिससे विशेषकर रात के समय ड्यूटी करने वाली महिला स्वास्थ्यकर्मियों और प्रशिक्षु एएनएम (ANM) को असुरक्षा की भावना रहती थी। बाउंड्री निर्माण कार्य से अब परिसर में अनधिकृत प्रवेश पर रोक, सुरक्षित कार्य वातावरण तथा अस्पताल की संपत्तियों की सुरक्षा हुई है। जिसके प्रति भी छात्राओं ने राज्य सरकार तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सहृदय आभार व्यक्त किया है।
धनबाद से युधिष्ठिर की रिपोर्ट