शुरू हुई दुर्गापूजा की तैयारी, इंडोनेशियाई आदिवासी महल की थीम पर बनेगा पंडाल

झारखंड में दुर्गापूजा को लेकर तैयारियां शुरू हो गयी हैं। इसी क्रम में धनबाद जिले में भी इस साल आयोजित होने वाले दुर्गा पूजा को लेकर चहल पहल शुरू हो गयी है।

झारखंड में दुर्गापूजा को लेकर तैयारियां शुरू हो गयी हैं। इसी क्रम में धनबाद जिले में भी इस साल आयोजित होने वाले दुर्गा पूजा को लेकर चहल पहल शुरू हो गयी है। जिले के झारखंड मैदान में इस साल दुर्गा पूजा का आयोजन बेहद खास और भव्य होने जा रहा है। 27वें दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियों का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और खूंटी पूजन के साथ कर दिया गया है। इस बार पूजा पंडाल इंडोनेशियाई आदिवासी महल की थीम पर तैयार किया जाएगा, जिस पर करीब 28 से 30 लाख रुपये खर्च होंगे। झारखंड मैदान स्थित श्री श्री सत्यम शिवम सुंदरम दुर्गा पूजा समिति द्वारा गुरुवार को वैदिक विधि-विधान के साथ खूंटी पूजन किया गया। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल से आए कारीगरों ने पंडाल निर्माण का काम शुरू कर दिया है।

समिति के महासचिव राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2002 से लगातार आयोजित हो रही यह पूजा इस वर्ष अपने 27वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस बार पंडाल की मुख्य थीम "इंडोनेशिया का आदिवासी महल" होगी। खास बात यह है कि पंडाल को बांस, चटाई और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार किया जाएगा। पूरी तरह इको-फ्रेंडली इस पंडाल को आकर्षक और अनूठा स्वरूप देने की तैयारी चल रही है।

वहीं, मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा और विशेष विद्युत सज्जा की व्यवस्था भी पश्चिम बंगाल के दीघा से की जा रही है। महालया के अगले दिन से ही श्रद्धालुओं के लिए पंडाल और आकर्षक लाइटिंग के दर्शन शुरू कर दिए जाएंगे। वैदिक पंचांग के अनुसार आगामी 12 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ पूजा का विधिवत शुभारंभ होगा, जबकि 23 अक्टूबर को भव्य झांकियों के साथ प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा। पूजा समिति का दावा है कि इंडोनेशियाई आदिवासी महल की अनूठी थीम, भव्य प्रतिमा और आकर्षक विद्युत सज्जा इस बार झारखंड मैदान के दुर्गा पूजा पंडाल को धनबाद के प्रमुख आकर्षणों में शामिल करेगी।


धनबाद से नीतीश की रिपोर्ट