बोकारो : बोकारो में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर अपराधियों को फर्जी तरीके से सिम उपलब्ध कराने के आरोप में पुलिस ने दो पीओएस एजेंट को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों एजेंटों ने जुलाई से अगस्त के बीच 180 से ज्यादा सिम साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए थे। हर सिम के बदले इन्हें आठ सौ रुपए मिलते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए हैं।
साइबर पुलिस ने POS एजेंट प्रदीप और मुकेश को किया गिरफ्तार
बोकारो के बरमसिया ओपी क्षेत्र से सामने आए इस मामले में साइबर पुलिस ने पीओएस एजेंट प्रदीप दास और मुकेश गोप को गिरफ्तार किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रदीप दास ने जुलाई से अगस्त के बीच 140 से ज्यादा, जबकि मुकेश गोप ने 42 सिम साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए हैं।
दोनों एजेंट दूसरे लोगों के आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट लेकर सिम एक्टिवेट करते थे - ASP चास वेदांत शंकर
एएसपी चास वेदांत शंकर के मुताबिक, दोनों एजेंट दूसरे लोगों के आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट लेकर सिम एक्टिवेट करते थे और फिर उसे साइबर अपराधियों तक पहुंचा देते थे। पूछताछ में दोनों ने पैसे के लालच में ऐसा करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, प्रत्येक सिम के बदले उन्हें आठ सौ रुपए मिलते थे। एएसपी का कहना है कि इन सिम का इस्तेमाल फर्जी अकाउंट बनाने, फोन के जरिए लोगों से ठगी करने और दूसरी आपराधिक गतिविधियों में किया जाता था। पूछताछ के दौरान पमित माहथा, राहुल कुमार और विवेक चौधरी के नाम भी सामने आए हैं, जिन्हें सिम उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
साइबर ठगी करने वालों के साथ-साथ उन्हें सिम उपलब्ध कराने वालों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है - साइबर पुलिस
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से Samsung Galaxy A17 5G और Realme 12X 5G मोबाइल फोन के साथ चार सिम कार्ड बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ साइबर थाना कांड संख्या 39/2026 दर्ज कर BNS, IT Act और Telecom Act की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। साइबर पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी करने वालों के साथ-साथ उन्हें सिम उपलब्ध कराने वालों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। पुलिस अब सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क और साइबर अपराधियों के बीच कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
बोकारो से चंदन सिंह की रिपोर्ट