बीएसएल-कोऑपरेटिव सोसाइटी में लीज नियमों को लेकर विवाद, रिटायर कर्मियों की सदस्यता पर उठे सवाल

बोकारो में बीएसएल और कोऑपरेटिव सोसाइटी के एग्रीमेंट में सिर्फ बीएसएल कर्मचारियों को ही लीज एग्रीमेंट करने या ट्रांसफर करने का प्रावधान था, जिसे समिति ने 2022 में मॉडिफाई कर दिया। अब इस मामले में विवाद की खबर है।

झारखंड के बोकारो में बीएसएल और कोऑपरेटिव सोसाइटी के एग्रीमेंट में सिर्फ बीएसएल कर्मचारियों को ही लीज एग्रीमेंट करने या ट्रांसफर करने का प्रावधान था, जिसे समिति ने 2022 में मॉडिफाई कर दिया। अब इस मामले में विवाद की खबर है।

मिली जानकारी के अनुसार बोकारो में बीएसएल और कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के बीच प्लॉट आवंटन को लेकर विवाद सामने आया है। बीएसएल ने सोसाइटी को नोटिस जारी कर वर्ष 2022 में किए गए नियमों के संशोधन पर तत्काल रोक लगाने को कहा है। आरोप है कि संशोधित नियमों में रिटायर कर्मचारियों को भी सोसाइटी की सदस्यता और प्लॉट आवंटन का प्रावधान किया गया, जो मूल लीज एग्रीमेंट के विपरीत है।

बीएसएल चीफ ऑफ कम्युनिकेशन मणिकांत धान ने बताया कि वर्ष 1970 में हुए समझौते के तहत सोसाइटी के प्लॉट केवल बीएसएल के कार्यरत कर्मचारियों को ही आवंटित किए जाने थे। प्लॉट ट्रांसफर के लिए भी सर्विस में कार्यरत कर्मचारी ही पात्र थे। दोनों पक्षों के बीच 60 साल का लीज एग्रीमेंट है, जिसका नवीनीकरण नवंबर 2028 में होना है। अब बताया जा रहा है कि बीएसएल ने 2022 के बाद हुए सभी प्लॉट आवंटन और ट्रांसफर का ब्योरा मांगा है। सोसाइटी ने रिपोर्ट देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।

बोकारो से चंदन सिंह की रिपोर्ट