विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर मिशन परिवार विकास अभियान/पखवाड़ा के तहत बिहार में परिवार नियोजन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए 11 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 के बीच विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों की जानकारी दी गई तथा इच्छुक लाभार्थियों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
11 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक आयोजित जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के दौरान राज्य में परिवार नियोजन की विभिन्न सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई। इस दौरान 19,065 महिला बंध्याकरण, 470 पुरुष नसबंदी और 50,453 कॉपर-टी संस्थापन किए गए। वहीं, 93,787 लाभार्थियों को गर्भनिरोधक सूई (अंतरा) की सेवा प्रदान की गई। इसके अलावा 19,64,669 गर्भनिरोधक गोलियां (माला-एन, छाया एवं ईसी) वितरित की गईं तथा 45,50,846 अन्य गर्भनिरोधक साधनों का वितरण किया गया। महिला बंध्याकरण ऑपरेशन में पटना जिला 1,364 ऑपरेशन के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद बेगूसराय में 1,280 और वैशाली में 1,058 महिला बंध्याकरण ऑपरेशन किए गए। जनसंख्या अनुपात के आधार पर खगड़िया, नवादा, बेगूसराय और वैशाली ने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 80 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल की।
पुरुष नसबंदी में वैशाली जिला 70 ऑपरेशन के साथ प्रथम रहा। सिवान में 64, जबकि बेगूसराय और रोहतास में 47-47 पुरुष नसबंदी ऑपरेशन किए गए। जनसंख्या अनुपात के आधार पर वैशाली, सिवान, औरंगाबाद, रोहतास, नवादा, शेखपुरा और बेगूसराय निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध बेहतर प्रदर्शन करते हुए शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल की। कॉपर-टी संस्थापन में सिवान जिला 2,834 संस्थापन के साथ सबसे आगे रहा। बेगूसराय में 2,702 और पटना में 2,675 कॉपर-टी लगाए गए। जनसंख्या अनुपात के आधार पर बेगूसराय, शेखपुरा, नवादा और सिवान ने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 75 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल की।
गर्भनिरोधक सूई (अंतरा) के मामले में सारण जिला 6,186 सेवाओं के साथ सबसे आगे रहा। सिवान में 5,322 और पूर्वी चंपारण में 4,438 गर्भनिरोधक सूई लगाई गई। जनसंख्या अनुपात के आधार पर शिवहर, लखीसराय, सारण और नवादा ने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 90 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल की।