NCD स्क्रीनिंग अभियान में बिहार ने दर्ज की महत्वपूर्ण उपलब्धि, अबतक 85 लाख से अधिक लोग ले चुके हैं लाभ

बिहार में गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित व्यापक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग अभियान में राज्य ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

पटना : बिहार में गैर-संचारी रोगों (NCD) की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित व्यापक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग अभियान में राज्य ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। दो से 17 सितंबर 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, राज्य में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कुल 85,20,044  लोगों की एनसीडी स्क्रीनिंग की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों में गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान के लिए स्क्रीनिंग गतिविधियों को लगातार गति दी जा रही है। स्क्रीनिंग के माध्यम से संभावित बीमारी अथवा स्वास्थ्य संबंधी जोखिम की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर संबंधित व्यक्ति को आवश्यक परामर्श, उपचार एवं आगे की चिकित्सा सुविधा से जोड़ा जा रहा है।

NCD स्क्रीनिंग में बिहार के इन जिलों का बेहतर प्रदर्शन

दो से 17 सितंबर 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, राज्य में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध गैर-संचारी रोग स्क्रीनिंग अभियान में कई जिलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। स्क्रीनिंग के क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध शीर्ष प्रदर्शन करने वाले पांच जिलों में मधुबनी, बांका,कटिहार, सुपौल और जहानाबाद शामिल रहे, जिन्होंने समयबद्ध तरीके से व्यापक स्तर पर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की।

स्वास्थ्य मंत्री ने स्क्रीनिंग में तेजी लाने के दिए निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि जिन जिलों में एनसीडी स्क्रीनिंग की प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां अभियान में और तेजी लाई जाए। हमारा लक्ष्य राज्य के हर घर तक पहुंचकर पात्र लोगों की स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्क्रीनिंग अभियान को और व्यापक बनाते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति जांच से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि समय पर बीमारी की पहचान होने से मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने में आसानी होती है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने मैदानी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों को अभियान की गति बढ़ाने तथा अधिक से अधिक पात्र लोगों को स्क्रीनिंग से जोड़ने के निर्देश दिए।

'जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार' अभियान से स्क्रीनिंग को मिल रही गति

राज्य में नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवाओं को और करीब पहुंचाने के उद्देश्य से दो सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक 'जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार' विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की घर-घर जाकर व आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग की जा रही है। अभियान के दौरान मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सामान्य कैंसर, हृदय रोग, सांस एवं फेफड़ों से संबंधित रोग व फैटी लिवर सहित विभिन्न गैर-संचारी रोगों एवं स्वास्थ्य जोखिमों की पहचान पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जांच के दौरान किसी व्यक्ति में बीमारी अथवा स्वास्थ्य संबंधी जोखिम की पहचान होने पर उसे आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय परामर्श, उपचार एवं उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान से जोड़ा जा रहा है।

समय पर पहचान और उपचार पर विशेष जोर

स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य गैर-संचारी रोगों की पहचान प्रारंभिक स्तर पर कर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से स्क्रीनिंग अभियान को लगातार बढ़ाया जा रहा है। 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों से नियमित स्वास्थ्य जांच एवं एनसीडी स्क्रीनिंग कराने की अपील की गई है। समय पर जांच से गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचाव संभव है। 'जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार' अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।