राजधानी में मेगा जॉब फेयर, दो दिनों में 6 हजार से अधिक युवाओं को मिला रोजगार

पटना स्थित ज्ञान भवन में 19 से 23 अगस्त तक पांच दिवसीय मेगा जॉब फेयर-2026 का आयोजन किया जा रहा है।

बिहार सरकार ने राज्य के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में अपनी महत्वाकांक्षी योजना को गति दे दी है। राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी लक्ष्य के तहत युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग द्वारा रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, नवंबर से अब तक 1.16 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा चुका है। युवाओं को उनकी योग्यता, कौशल और रुचि के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रोजगार मेलों, जॉब फेयर और ऑनलाइन माध्यमों का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

इसी कड़ी में पटना स्थित ज्ञान भवन में 19 से 23 अगस्त तक पांच दिवसीय मेगा जॉब फेयर-2026 का आयोजन किया जा रहा है। विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद और सचिव डॉ. कौशल किशोर ने दीप प्रज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया। मेले के पहले और दूसरे दिन करीब 12900 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 6180 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। पांच दिनों तक चलने वाले इस रोजगार मेले में बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंश्योरेंस, रिटेल सहित विभिन्न क्षेत्रों की 100 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं। कंपनियां बिहार के युवाओं के लिए 20 हजार से अधिक रोजगार के अवसर लेकर पहुंची हैं।

विभाग ने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए वर्ष में छह बार रोजगार मेले के आयोजन का लक्ष्य रखा है। मेगा जॉब फेयर के साथ-साथ ऑनलाइन जॉब फेयर आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले युवाओं को भी कंपनियों तक पहुंचने का अवसर मिल सके। विभाग का मानना है कि ऑनलाइन माध्यम से नियोजकों और अभ्यर्थियों के बीच की दूरी कम होगी तथा युवाओं को उनकी शिक्षा, अभिरुचि और कार्यक्षेत्र के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

रोजगार और स्वरोजगार के लिए विभाग द्वारा तैयार डीईडीटी पोर्टल को भी युवाओं की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। विभाग के अनुसार, नवंबर से अब तक 1.20 लाख से अधिक युवाओं ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इसका उद्देश्य युवाओं और नियोजकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा रोजगार की प्रक्रिया को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाना है।

विभाग का फोकस केवल युवाओं को नौकरी दिलाने तक सीमित नहीं है। सरकार युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से ऐसा स्किल्ड वर्कफोर्स बनाने पर जोर दे रही है, जो देश के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी कार्यक्षमता का प्रदर्शन कर सके। विभाग के अनुसार, बेहतर कौशल से युवाओं के लिए रोजगार के साथ आय बढ़ाने के अवसर भी बढ़ेंगे। इसी उद्देश्य से युवाओं को लगातार अपने कौशल को निखारने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मेगा जॉब फेयर में देश की प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों की संस्थाएं युवाओं का चयन कर रही हैं। रिटेल, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस सेक्टर पर विशेष जोर है। टाटा ट्रेंट, क्रोमा, वी-मार्ट, डी-मार्ट, सैमसंग, फ्लिपकार्ट और बिगबास्केट जैसी कंपनियां युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही हैं। वहीं वित्तीय क्षेत्र में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, एसबीआई लाइफ, एयरटेल पेमेंट्स बैंक, इंडसइंड बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसी संस्थाएं भी शामिल हैं।

विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे अवसर उपलब्ध कराना है, जिनसे वे अपने परिवार, समाज और राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकें। बिहार के युवा प्रतिभाशाली और मेहनती हैं। सही अवसर और दिशा मिलने पर वे राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। सरकार का एक करोड़ रोजगार का लक्ष्य इसी व्यापक सोच के साथ युवाओं को रोजगार, कौशल और बेहतर भविष्य से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।