बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई बड़े फैसले लिए हैं। सरकार ने राज्य में पेपर लीक और धांधली रोकने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए 5 सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। वहीं बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर चल रहे घमासान पर सीएम सम्राट चौधरी ने बड़ी घोषणा की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उच्च शिक्षा के लिए मिलने वाली ₹4 लाख तक की स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड सुविधा आगे भी पूर्ववत जारी रहेगी। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के मन में बीते कुछ दिनों संशय की स्थिति बनी हुई थी।
सरकार ने कहा है कि ₹4 लाख तक की स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है-स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के संबंध में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के मन में किसी भी प्रकार का संशय नहीं रहना चाहिए। उच्च शिक्षा हेतु ₹4 लाख तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड मिल रहा है और यह सुविधा आगे भी पूर्ववत ही जारी रहेगी। बिहार सरकार युवाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा के रास्ते में आर्थिक संसाधन को कभी भी बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। वहीं शिक्षा विभाग ने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत शिक्षा ऋण की सुविधा को सीमित करने की बात सही नहीं है। विभाग के मुताबिक, विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए संस्थागत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकल्पों का दायरा बढ़ाया गया है।
वहीं बिहार सरकार ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।सामान्य प्रशासन विभाग ने 5 सदस्यीय विशेष समिति का गठन करने का फैसला लिया है। इस संबंध में विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। यह विशेष समिति अगले 3 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें और अनुशंसाएं सरकार को सौंपेगी। समिति के समीक्षा दायरे में राज्य की माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं से लेकर सभी तरह की भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल होंगी।
सुधार के मुख्य बिंदु:
धांधली पर रोक: प्रश्न-पत्र लीक, नकल और परीक्षाओं में होने वाली किसी भी हेराफेरी को रोकने के कड़े उपायों की समीक्षा की जाएगी.
निगरानी और बायोमेट्रिक: केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन और सीसीटीवी (CCTV) निगरानी को और ज्यादा असरदार बनाया जाएगा.
डिजिटल पारदर्शिता: परीक्षा के आयोजन, मूल्यांकन से लेकर परिणाम जारी करने तक की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा.
साथ ही बिहार में AI आधारित “बिहार विद्या साथी” की शुरुआत हो गई। 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों में “बिहार विद्या साथी” का शुभारंभ हुआ। 38 जिलों के करीब 3 लाख विद्यार्थियों को 24×7 निःशुल्क लाइव शिक्षा का लाभ मिलेगा। विद्यार्थियों को वन-टू-वन ट्यूटर सपोर्ट मिलेगा। पसंद के शिक्षक से पढ़ने और सवालों का त्वरित समाधान मिलेगा। साथ ही 75 हजार शिक्षक प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे। बिहार बोर्ड, JEE और NEET की तैयारी आसान होगी।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा-75 हजार शिक्षक, AI आधारित कॉन्सेप्ट लर्निंग, डिजिटल अध्ययन सामग्री तथा बिहार बोर्ड, JEE और NEET की तैयारी की सुविधा भी इस प्लेटफॉर्म से मिलेगी। हमारा प्रयास है कि विद्यार्थी जहाँ भी हो, जब भी पढ़े- उसके सवाल का जवाब और शिक्षक का सहयोग हमेशा उसके साथ हो।