UPSC और UPPCS जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद भी जब चयन नहीं होता है तो अधिकांश लोग निराश हो जाते हैं और हार मान लेते हैं कि अब मुझसे नहीं होगा। लेकिन उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के रहने वाले विरल शर्मा ने हार मानने के बजाय अपनी मेहनत जारी रखी और तैयारी में लगे रहे। उनकी लगातार कोशिशों का नतीजा यह रहा कि उन्होंने उत्तराखंड PCS और बिहार PCS दोनों परीक्षाओं में सफलता हासिल की और वो भी शानदार रैंक के साथ।
विरल शर्मा उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के बेलवा मोती गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता बलराम शर्मा प्रिंसिपल के पद से रिटायर्ड हैं। गांव से उनका सफर शुरू हुआ, पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहे। विरल शर्मा ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों परीक्षाओं में टॉप किया। इसके बाद उन्होंने NIT इलाहाबाद से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इंजीनियरिंग का कोर्स पूरा करने के बाद उन्होंने राजस्थान के अलवर में करीब तीन साल तक नौकरी की।
विरल शर्मा का नौकरी में मन नहीं लग रहा था। उनका सपना तो प्रशासनिक सेवा में जाना था। जिस वजह से उन्होंने 2023 में नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गए। उन्होंने किसी बड़ी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। उन्होंने अधिकतर तैयारी अपने गांव में रहकर की।
विरल शर्मा कठिन तैयारी के बाद UPSC इंटरव्यू तक पहुंच गए, हालांकि अंतिम चयन सूची में उनका नाम नहीं आ सका। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) की परीक्षा भी पास की। यहां भी वह इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम मेरिट सूची में जगह नहीं बना सके। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और तैयारी जारी रखा।
लगातार मेहनत का फल आखिरकार उन्हें मिल ही गया। विरल शर्मा ने उत्तराखंड PCS परीक्षा में सातवीं रैंक हासिल की और डिप्टी कलेक्टर पद के लिए उनका चयन हुआ। इतना ही नहीं उन्होंने बिहार PCS परीक्षा में भी शानदार प्रदर्शन किया. विरल को चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (CDPO) पद के लिए सातवीं रैंक मिली जबकि ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) पद के लिए उन्होंने 16वीं रैंक हासिल की।
इस तरह UPSC और UPPCS में मिली नाकामी के बाद भी विरल शर्मा ने हार नहीं मानी और दो-दो राज्यों की PCS परीक्षा पास कर मिसाल कायम की। हालांकि उत्तराखंड PCS और बिहार PCS में टॉप रैंक हासिल करने के बाद भी विरल शर्मा का मन नहीं भरा है। उनका सबसे बड़ा सपना अब भी UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करना है। जिसकी तैयारी में वह जुटे हुए हैं।