झारखंड के छात्रों को BIT मेसरा से बड़ा झटका, 2026-27 से खत्म हुआ होम स्टेट कोटा

झारखंड के छात्रों को BIT मेसरा से बड़ा झटका, 2026-27 से खत्म हुआ होम स्टेट कोटा

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 29, 2026, 11:08:00 AM

झारखंड के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है. राज्य के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में गिने जाने वाले BIT मेसरा ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्थानीय विद्यार्थियों को मिलने वाला 50 प्रतिशत होम स्टेट आरक्षण समाप्त करने का फैसला लिया है. अब संस्थान की सभी सीटों पर प्रवेश केवल ऑल इंडिया मेरिट के आधार पर किया जाएगा. इस बदलाव के बाद झारखंड के छात्रों के लिए प्रतिष्ठित संस्थान में दाखिला हासिल करना पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

जानकारी के अनुसार, यह निर्णय झारखंड सरकार और संस्थान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MOU) के नवीकरण नहीं होने के कारण लिया गया है. सूत्रों का कहना है कि यह MOU करीब दो वर्ष पहले ही समाप्त हो चुका था. इसके बाद BIT मेसरा प्रशासन ने कई बार राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से समझौते को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई.

बताया जा रहा है कि समझौते की अवधि खत्म होने के बावजूद संस्थान ने पिछले दो वर्षों तक पूर्व व्यवस्था को जारी रखा था और नैतिक आधार पर झारखंड के विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत सीटों का लाभ दिया जा रहा था. हालांकि अब प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नई प्रवेश प्रक्रिया में यह व्यवस्था लागू नहीं रहेगी.

BIT मेसरा में B.Tech, IMSc और B.Arch पाठ्यक्रमों को मिलाकर कुल 1,342 सीटें उपलब्ध हैं. इनमें से केवल बीटेक कार्यक्रमों में ही लगभग 650 सीटें झारखंड के छात्रों के लिए आरक्षित मानी जाती थीं. नई व्यवस्था लागू होने के बाद ये सभी सीटें राष्ट्रीय स्तर की सामान्य प्रतियोगिता में शामिल हो जाएंगी.

इस फैसले का असर पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों पर भी पड़ेगा. पहले झारखंड के BC-1 और BC-2 श्रेणी के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ मिलता था, लेकिन होम स्टेट कोटा समाप्त होने के साथ यह सुविधा भी खत्म हो जाएगी. अनुमान है कि करीब 80 सीटों पर मिलने वाला यह लाभ अब स्थानीय छात्रों को नहीं मिल पाएगा.

सूत्रों के मुताबिक, संस्थान को राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली कुछ वित्तीय देनदारियां भी लंबे समय से लंबित हैं. ऐसे में MOU के नवीकरण में देरी और प्रशासनिक अनिश्चितता को इस फैसले की प्रमुख वजह माना जा रहा है. BIT मेसरा के इस कदम से राज्य के हजारों इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है.