बिहार में ट्रांसफर के बीच इन शिक्षकों की जाएगी नौकरी, शिक्षा विभाग के इस आदेश से मचा हड़कंप

प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने TRE-3 के तहत नियुक्त शिक्षकों की सेवा स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। इसके लिए सभी जिलों को निर्देश दे दिया गया है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 01, 2026, 3:11:00 PM

बिहार में बड़े पैमाने पर शिक्षकों का ऐच्छिक ट्रांसफर होने जा रहा है। शिक्षा विभाग ने 5.88 लाख शिक्षकों के रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब तबादले की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।  इस बीच शिक्षकों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने TRE-3 के तहत नियुक्त शिक्षकों की सेवा स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। इसके लिए सभी जिलों को निर्देश दे दिया गया है। जिन्होंने NIOS (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग) से 18 माह का D.El.Ed प्रशिक्षण प्राप्त किया है, खासकर उनके लिए यह निर्देश जारी हुआ है। इस आदेश के बाद हजारों शिक्षकों की नियुक्ति और उनकी पात्रता को लेकर अब नए सिरे से जांच प्रक्रिया शुरू होने वाली है। 

प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को भेजे पत्र में कहा है कि TRE-3 के तहत नियुक्त सभी शिक्षकों का रिकॉर्ड जांचा जाए, जिन्होंने NIOS से 18 माह का D.El.Ed कोर्स किया है। जहां यह तय करना है कि नियुक्ति प्रक्रिया विज्ञापन में निर्धारित नियमों और योग्यता मानकों के अनुसार हुई है या नहीं। साथ ही सभी संबंधित अभ्यर्थियों का डेटा सत्यापित कर विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द मुख्यालय को भेजने को कहा गया है।

NIOS से प्राप्त 18 माह के D.El.Ed को आधार बनाकर की गई नियुक्तियां नियमों के अनुरूप हैं या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की बात सामने आती है, तो विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है। इस नए निर्देश के बाद नियुक्त शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है।  कई शिक्षक इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि जांच के बाद उनकी सेवा स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ेगा। हालांकि शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जांच का उद्देश्य नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और केवल योग्य अभ्यर्थियों को ही सेवा में सुनिश्चित करना है।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि जांच रिपोर्ट तैयार करने में किसी भी तरह की देरी न हो। तय समय सीमा के भीतर पूरी जानकारी मुख्यालय को भेजना अनिवार्य किया गया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिक्षक संघ ने इस लेटर को फर्जी बताया है। उनका कहना है कि बिहार सरकार द्वारा नियुक्त NIOS डीएलएड की सेवा समाप्त करने संबंधी एक पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। सभी को सूचनार्थ करना है कि उक्त पत्र पूरी तरह से फर्जी है। कोई अभ्यर्थी किसी के बहकावे में आकर किसी को चंदा आदि नहीं दें।

बता दें कि जुलाई में बड़े पैमाने पर शिक्षकों का ऐच्छिक ट्रांसफर होगा। शिक्षा विभाग ने 5.88 लाख शिक्षकों के रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली है।  बताया जा रहा है कि इसी सप्ताह तबादले का पोर्टल सक्रिय हो जाएगा। जिसके बाद शिक्षक पोर्टल से तबादले का आवेदन कर सकेंगे। शिक्षा विभाग जल्द ही ट्रांसफर पोर्टल सक्रिय करेगा। इच्छुक शिक्षक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। अधिकतम दो सप्ताह में तबादला प्रक्रिया पूरी होगी। कैबिनेट से तबादला नीति को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।