बिहार में इंजीनियरिंग शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय का भवन और परिसर लगभग तैयार हो चुका है। भवन निर्माण विभाग द्वारा 66.92 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति से पटना के मीठापुर में लगभग 5 एकड़ भूमि पर बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय परिसर का निर्माण पूरा किया गया है। विश्वविद्यालय का मुख्य भवन जी+4 संरचना में विकसित किया गया है, जिसमें आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। ग्राउंड फ्लोर से लेकर चतुर्थ तल तक छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के काम करने में सहजता को प्रमुखता दी गई है।
इवैल्यूएशन सेंटर से लेकर स्कैनिंग रूम तक मौजूद
- ग्राउंड फ्लोर: यहां रजिस्ट्रार, डीन, फाइनेंस अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय बनाए गए है। साथ ही इवैल्यूएशन सेंटर, स्टोर रूम, कैफेटेरिया, डबल हाइट एंट्री एरिया और प्रसाधन की व्यवस्था है।
- प्रथम तल: इस तल पर कुलपति का कार्यालय, भव्य कांफ्रेंस हॉल, स्कैनिंग रूम और इवैल्यूएशन सेंटर स्थापित किए गए हैं।
- द्वितीय तल: इस फ्लोर पर 11 कार्यालय कक्ष, छह स्टोर रूम, पांच स्कैनिंग रूम, एक इवैल्यूएशन सेंटर और एक कांफ्रेंस हॉल निर्मित हैं।
- तृतीय तल: यहां पांच रिकॉर्ड रूम के साथ पर्याप्त स्टोर और स्कैनिंग सुविधाएं हैं।
- चतुर्थ तल: सबसे आखिरी तल पर एक और इवैल्यूएशन सेंटर तथा दो विशाल हॉल बनाए गए हैं।
- परिसर में एक मंजिला गेस्ट हाउस, केयरटेकर के लिए आवासीय व्यवस्था और गार्ड रूम भी शामिल हैं।
भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने कहा कि इस विश्वविद्यालय भवन के निर्माण से प्रशासनिक और परीक्षा संबंधी गतिविधियों को नया बल मिलेगा। इससे इंजीनियरिंग संस्थानों के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि सभी महत्वपूर्ण कार्यालय (कुलपति, रजिस्ट्रार, डीन, वित्त, परीक्षा नियंत्रक) एक ही आधुनिक भवन में होने से कामकाज तेज, व्यवस्थित और समन्वित होगा। इसके अलावा बहु इवैल्यूएशन सेंटर, स्कैनिंग रूम और रिकॉर्ड रूम होने से परीक्षा प्रक्रिया तेज और सुरक्षित बनेगी। बेहतर प्रशासनिक ढांचे से इंजीनियरिंग कॉलेजों के संचालन में सुधार आएगा, जिससे छात्रों को विश्वस्तरीय सुविधाओं का लाभ मिलेगा। यह परिसर छात्रों, शिक्षकों तथा कर्मचारियों को पेशेवर माहौल का अनुभव कराएगा।