नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत, सरकार ने सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम की भौगोलिक पाबंदियों को पूरी तरह से खत्म करने का फैसला लिया है। बता दें कि जारी आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन के मुताबिक, अब उन कर्मचारियों को भी स्वास्थ्य योजना का लाभ मिल पाएगा, जिनकी पोस्टिंग सीजीएचएस के दायरे से बाहर के इलाकों या शहरों में हो रखी है। पहले भौगोलिक शर्त वाले नियम के साथ कर्मचारियों के रहने या पोस्टिंग की जगह के आधार पर सीजीएचएस की पात्रता सीमित रहती थी, जबकि नए नियम के साथ इस भौगोलिक शर्त को अब हटा दिया गया है।
सभी को इलाज का समान अधिकार
पहले के नियम के मुताबिक, पहले केवल वही कर्मचारी सीजीएचएस के पात्र होते थे, जो किसी सीजीएचएस वेलनेस सेंटर के पांच किलोमीटर के दायरे में रहते थे। इस दायरे से बाहर रहने वाले कर्मचारी 'सेंट्रल सर्विसेज (मेडिकल अटेंडेंस) रूल्स, 1944' के तहत आते थे। अब चूंकि सरकार ने इस दूरी और भौगोलिक मानदंड को पूरी तरह से हटा दिया है। इसलिए अब देश के किसी भी कोने में रहने वाला पात्र केंद्रीय कर्मचारी सीजीएचएस कार्ड बनवा सकता है और स्वास्थ्य सुविधाओं का पूरा लाभ उठा सकता है।
क्या होगा फायदा?
सरकार के इस नए फैसले से उन लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो दूरदराज के इलाकों या ऐसे छोटे शहरों में तैनात हैं जहां सीजीएचएस वेलनेस सेंटर नहीं हैं। अब वे देश भर के किसी भी सीजीएचएस सूचीबद्ध निजी या सरकारी अस्पतालों में कैशलेस और रियायती दरों पर इलाज का लाभ उठा सकेंगे। पहले की भौगोलिक शर्तों की वजह से उन कर्मचारियों को मुश्किलों और परेशानियों का सामना करना पड़ता था जो तय सीजीएचएस कवरेज क्षेत्र के बाहर रहते थे या पोस्टेड थे।
बदले हुए नियमों के तहत, ऐसे हालात में योग्य कर्मचारी CGHS का विकल्प चुन सकते हैं
वहीं बदले हुए नियमों के तहत, ऐसे हालात में योग्य कर्मचारी सीजीएचएस का विकल्प चुन सकते हैं। बशर्ते वे अन्य शर्तों को पूरा करें और तय योगदान का भुगतान करें जैसे कि स्कीम का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी को अपने पे-मैट्रिक्स के स्तर के अनुसार, तय मासिक पीएफ/स्वास्थ्य अंशदान का भुगतान करना होगा और कर्मचारियों को एक लिखित वचनपत्र भी देना होगा कि वे या उनके आश्रित परिवार के सदस्य सीजीएचएस और CS (MA) रूल्स दोनों से एक साथ चिकित्सा लाभ का दावा नहीं करेंगे। अगर भविष्य में कोई कर्मचारी दोनों योजनाओं का लाभ साथ में लेता हुआ पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।