पहले चीनी की मिठास हुई कडवी, अब आंसू निकाल रहा प्याज, कीमतों में आया उछाल

देश भर में चीनी के मूल्यों में आयी वृद्धि के बाद अब प्याज के दाम में उछाल आ गयी है। देश के अलग अलग हिस्सों में एक माह के दौरान प्याज की कीमतें लगभग दुगनी हो गयी हैं।

देश भर में चीनी के मूल्यों में आयी वृद्धि के बाद अब प्याज के दाम में उछाल आ गयी है। देश के अलग अलग हिस्सों में एक माह के दौरान प्याज की कीमतें लगभग दुगनी हो गयी हैं। बीते शनिवार को इसकी औसत कीमत 42 रुपये तक पहुंच गयी। अलग अलग मीडिया रिपोर्टस के अनुसार दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमतों में तेजी से बढोत्तरी देखने को मिल रही है और इसकी कीमत में 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गयी है। इसी प्रकार चेन्नई में प्याज की कीमत 58 रुपये प्रति किलो बिकने की खबर है। बिहार, केरल और असम में भी प्याज की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गयी है।

विभिन्न मीडिया रिपोर्टस के अनुसार देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी नासिक में पिछले एक माह के दौरान प्याज की कीमतों में करीब 75 प्रतिशत तक का इजाफा हो चुका है। हालांकि प्याज की इन लगातार बढ रही कीमतों के पीछे कई कारण भी बताये जा रहे हैं। मॉनसून की अनिश्चितता के कारण प्याज के फसल की बुवाई में देरी, आवक में कमजोरी और सरकारी खरीद में उदासीनता के कारण प्याज की कीमतों में वृद्धि देखने को मिल रही है।

वहीं प्याज की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से भी कदम उठाये जाने की खबरें आ रही हैं। केंद्र सरकार द्वारा नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी के लिए कांदा एक्सप्रेस चलाये जाने की खबर है। इन इलाकों में कांदा एक्सप्रेस इसलिए चलायी जाएगी कि यहां प्याज की दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा दर्ज की गयी है। हालांकि सरकारी अधिकारियों का कहना है कि आने वाले माह में प्याज की मांग को पूरा करने के लिए सरकार और किसान, दोनों के ही पास पर्याप्त स्टॉक है।

राजधानी में प्याज कीमत 70 रुपये प्रति किलो दर्ज की गयी है। वहीं बाजार की कीमतों पर नजर रखने वाले तथा थोक व्यापारियों के अनुसार प्रति वर्ष अगस्त-सितंबर माह में प्याज की कीमतों में तेजी दर्ज की जाती है। इसका एक कारण रबी की फसलों के भंडार के खत्म होने और खरीफ की फसलों के आने में लगने वाला वक्त होता है। इसके कारण प्याज के मूल्यों पर प्रेशर पडता है।